गैस एजेंसियों के आधार कार्ड बेस कैश सब्सिडी (डीबीटीएल) योजना को
क्रियान्वित कराने के फेर में फंसने से शहर में बीते एक पखवारे से घरेलू
एलपीजी वितरण व्यवस्था धराशायी है।
इसका सीधा खामियाजा भुगत रहे हैं घरेलू
गैस उपभोक्ता। बुकिंग के 20 से 25 दिन बाद भी होम डिलीवरी का सिलेंडर न मिल
पाने से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है।
शहर की अधिकांश गैस एजेंसियों
से बुकिंग के पंद्रह से बीस दिन बाद भी घरेलू सिलेंडरों की सप्लाई न किए
जाने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। उपभोक्ता गैस एजेंसियों व गोदाम के
चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी उन गैस एजेंसियों पर आ रही
है, जिन्होंने स्टाफ की कमी के कारण आधार कार्ड बनवाने के फॉर्म जमा कराने
की आड़ में अन्य सभी कार्यों का संचालन रोक दिया था।
दूसरी
तरफ घरेलू एलपीजी की आपूर्ति से जुड़ी तीनों तेल कंपनियों के अधिकारी जिले
में मांग के आधार पर पर्याप्त मात्रा में भरे सिलेंडर की सप्लाई का दावा
कर वितरण में देरी के लिए एजेंसी स्तर पर बरती जा रही लापरवाही को कारण बता
रहे हैं।
यूपी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर फेडरेशन के अध्यक्ष डीपी सिंह कुछ एक
इलाकों में ही घरेलू गैस वितरण की व्यवस्था में देरी की बात मानते हैं।
उनका कहना है कि डीबीटीएल योजना को लागू किए जाने की अनिवार्यता के कारण
सभी गैस एजेंसियों के कर्मियों पर वर्क लोड काफी बढ़ गया था।
डीबीटीएल की
अनिवार्यता स्थगित हो जाने के बाद अब गैस वितरक घरेलू एलपीजी वितरण
व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त कराने की कवायद में जुटे हैं।