हजरतगंज कोतवाली में बसपा सुप्रीमो मायावती को गाली देने वाले दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाती सिंह ने बसपाइयों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मेरे पति ने गलत किया लेकिन उसकी सजा मेरी बेटी को क्यों दी जा रही है। आखिर उसका कुसूर क्या है।
उन्होंने सवाल उठाया कि एक महिला के सम्मान के लिए क्या किसी दूसरी महिला की इज्जत रौंद दी जानी चाहिए। महिलाओं के सम्मान की बात करने वाली मायावती और सतीशचंद्र मिश्र बताएं कि मैं अपनी बेटी को कहां पेश करूं। मैं तैयार हूं। मेरी बेटी के साथ कैसा सुलूक किया जाएगा।
उन्होंने मायावती से पूछा कि पति के खिलाफ कानून कार्रवाई करेगा लेकिन हजरतगंज चौराहे पर उनके इशारे पर बेटी को लेकर जो आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, उसका जवाब कौन देगा?
'नारे सुनकर मेरी बेटी सदमे में है'
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बीच चौराहे पर हजारों लोगों के सामने नारे लगाकर बसपाइयों ने उसका मानसिक उत्पीड़न किया है। नारे सुनकर बेटी सदमे में है। उसने स्कूल जाने से भी मना कर दिया है।
दवाएं खिलाकर उसे सुलाया जा रहा है। उन्होंने बेटी की जिंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बसपा आखिर महिला सम्मान की यह कैसी लड़ाई लड़ रही है।
राज्यसभा का जिक्र होने पर फंसा तकनीकी पेंच, विशेषज्ञों से ली राय
दयाशंकर की मां तेतरा देवी ने तहरीर में लिखा था कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने राज्यसभा में मुझे, मेरी बेटी, बहू व पोती को एवं देश की समस्त महिलाओं को गालियां दीं व अपशब्द कहे।
पुलिस अधिकारियों का कहना था कि सदन में की गई किसी भी टिप्पणी पर कार्रवाई का विशेषाधिकार सदन को ही है। इस पर पुलिस तब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं कर सकती, जब तक सदन से आदेश न मिले।
तीन घंटे माथापच्ची करने के बाद लिया फैसला
थाने में दयाशंकर की मां व अन्य
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इस तकनीकी पेंच में उलझी पुलिस ने संविधान के जानकारों और कानून के विशेषज्ञों से राय-मश्विरा किया। करीब तीन घंटे तक माथापच्ची के बाद संविधान के जानकारों और कानून के विशेषज्ञों ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए सहमति दे दी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विशेषज्ञों का कहना था कि राज्यसभा में मायावती के बयान के जिक्र के अलावा भी तहरीर में कई जगह उन पर भड़काने का आरोप लगाया गया है।