लखनऊ। रोकटोक से नाराज होकर सास की गैर इरादतन हत्या करने की आरोपी शिल्पा को दोषी ठहराते हुए एडीजे दिनेश कुमार मिश्र ने पांच वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। 10 हजार रुपये जुर्माने भी लगाया है।
मामले में संलिप्त रही शिल्पा की नाबालिग छोटी बहन के प्रकरण को सुनवाई के लिए बाल न्यायालय भेज दिया गया था।
कोर्ट में सरकारी वकील ने बताया कि वादी लालता प्रसाद ने गोसाईंगंज थाने में 23 अक्तूबर 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक उनके बेटे आशाराम की शादी शिल्पा से हुई थी। उसने सास रामावती के साथ मारपीट शुरू कर दी। लिहाजा वादी उसी घर में पत्नी संग अलग रहने लगा। 13 अक्तूबर को शिल्पा की छोटी बहन वादी के घर आई। वह घर के बाहर खड़ी होकर मोबाइल पर बात कर रही थी। इसी बीच रामवती ने अंदर जाकर बात करने के लिए कहा। इससे नाराज होकर शिल्पा और उसकी बहन ने रामावती को पीटना शुरू कर दिया। हमले में रामावती मरणासन्न हो गईं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।