पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति व उनके साथियों पर चल रहे सामूहिक दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामले में वादिनी पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए उसकी पुत्री समेत दो ने कोर्ट में अर्जी दी है।
पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश विकास नागर ने उचित निर्णय करने का निर्देश देते हुए अर्जियों को एसएसपी को भेजने का आदेश दिया है।
वादिनी की बड़ी लड़की व इस मामले की पीड़िता बताते हुए एक युवती ने कोर्ट में अर्जी व शपथ पत्र देकर बताया कि इस घटना की पीड़िता वह है, लेकिन वादिनी और उसकी मां यह जानती थी कि वह आरोपियों के खिलाफ सही गवाही देगी। इस पर वादिनी ने उसकी जगह छोटी पुत्री का कलमबंद बयान दर्ज कराया।
अपनी मां से जान का खतरा बताते हुए कहा गया कि रिपोर्ट में जिस बड़ी लड़की से दुराचार होने की बात कही गई है वह स्वयं है, जबकि वादिनी ने पुलिस के समक्ष उसे पेश न करके छोटी बहन को पेश कर बयान दर्ज कराया कि उसके साथ दुराचार नहीं हुआ।
अर्जी में कहा गया कि उसकी छोटी बहन बीमार रहती है तथा घटना के समय लखनऊ आई ही नहीं। वादिनी जब भी मंत्री आवास गई तो वह साथ थी। जब 17 जुलाई 2016 को उसकी मां के साथ दुराचार हुआ तो उसी दिन युवती के साथ भी दुराचार का प्रयास हुआ।