प्रदेश की इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी संस्थाओं में दाखिले के लिए 2 अगस्त को प्रस्तावित राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) का आयोजन आसान नहीं दिख रहा है। एकेटीयू की मुख्य परीक्षाओं की तरह इसमें भी परीक्षा केंद्रों का निर्धारण बड़ी समस्या है। हालांकि एकेटीयू प्रशासन का कहना है कि अगर जेईई मेन हुआ तो वह एसईई भी आयोजित करेगा।
एसईई में पिछले साल 1.48 लाख यूनिक स्टूडेंट्स (कुछ स्टूडेंट्स कई पेपर में शामिल होते हैं) थे। इनके लिए यूपी समेत 11 राज्यों में 134 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इस साल यूनिक स्टूडेंट्स 1.52 लाख हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए 60 छात्रों की क्षमता वाले कमरे में मात्र 24 छात्र ही बैठेंगे। इस तरह 1000 स्टूडेंट्स की क्षमता वाले केंद्र पर सिर्फ 400 छात्र परीक्षा दे सकेंगे। इस लिहाज से विवि को दोगुने परीक्षा केंद्र बनाने होंगे।
प्रदेश के बाहर भी हाल खराब, कैसे बने केंद्र: यूपी ही में नहीं, एसईई के लिए दिल्ली, मुंबई, पटना, कोलकाता, चंडीगढ़, बंगलूरू, हैदराबाद जैसे शहरों में भी परीक्षा केंद्र बनते हैं। पटना में पिछली बार 2000 से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा दी थी। इन शहरों में भी कोरोना संक्रमण की स्थिति बहुत खराब है। ऐसे में वहां केंद्र बनाने और फिर परीक्षा कराने का काम भी आसान नहीं होगा।