लखनऊ। जैन धर्म के पर्वाधिराज दशलक्षण महापर्व बुधवार को उत्तम क्षमा धर्म के साथ शुरू हुआ। इस दौरान इंदिरानगर जैन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। 200 से अधिक भक्तों ने भगवान का अभिषेक किया। प्रथम अभिषेक का सौभाग्य पुष्पेंद्र जैन और शांतिधारा का अवसर रोहित जैन को मिला। दशलक्षण विधान में मुख्य कलश स्थापना सुनीता जैन ने किया।
मध्य प्रदेश के सागर से आए राजेश शास्त्री के निर्देशन और आचार्य 108 सुबल सागर जी के सान्निध्य में पूजन हुआ। गायिका शिक्षा जैन ने भजनों से माहौल भक्तिमय कर दिया। जैन समाज के महामंत्री अभिषेक जैन ने बताया कि दस दिवसीय पर्व में श्रद्धालु अलग-अलग संकल्प लेते हैं। कुछ लोग पूरे दस दिन उपवास कर साधना करते हैं। कार्यक्रम में सुदीप, अनुरोध, अरविंद, आयुष, ऋषभ, भरत, संचित और ऊषा समेत कई भक्त मौजूद रहे।