लखनऊ। मोहनलालगंज और नगराम के बीच स्थित सिसेंडी कस्बे सहित आसपास के गांवों में इस दिवाली से बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। नए सिसेंडी उपकेंद्र के चालू होने से करीब 12 हजार की आबादी को फायदा होगा। वर्तमान में इस क्षेत्र को नौ किलोमीटर दूर स्थित ओल्ड मोहनलालगंज उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति की जाती है।
अमौसी जोन के अधीक्षण अभियंता (तकनीकी) ब्रह्म पाल ने बताया कि बुधवार को सिसेंडी उपकेंद्र के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। मौके पर करीब 90 फीसदी काम पूरा मिला है। केवल 10 फीसदी लाइन निर्माण का काम बाकी है, जिसे 20 दिन के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद परीक्षण कर उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति ओल्ड मोहनलालगंज उपकेंद्र से बंद कर नए सिसेंडी उपकेंद्र से शुरू कर दी जाएगी।
वहीं, स्थानीय उपभोक्ताओं के मुताबिक, सिसेंडी कस्बे में दिन से लेकर रात तक कई बार बिजली गुल होती है। रोजाना तीन से चार बार होने वाली कटौती के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। बिजली 30 मिनट से लेकर तीन घंटे तक गायब रहती है। लो-वोल्टेज की समस्या भी रहती है जिससे बिजली होने के बावजूद उपकरण ठीक से काम नहीं करते
इन गांवों को मिलेगा फायदा
नए सिसेंडी उपकेंद्र से इमलियाखेड़ा, धनुवासाड, उत्तर गांव, मीनापुर भरसावा, रघुनाथ खेड़ा, सलूमर, भदेसुवा, त्रिलोकपुर, अहमद खेड़ा, भौदरी, हीरालाल खेड़ा, हरी खेड़ा, नया खेड़ा, मनोहरपुर, बिलैया खेड़ा, शंकर खेड़ा, महेश खेड़ा और बिलैहा खेड़ा सहित आसपास के गांवों व मजरों को लाभ मिलेगा।
पांच नए उपकेंद्रों का प्रस्ताव
वर्ष 2027 की गर्मी में बिजली की बढ़ती मांग से निपटने के लिए अमौसी और गोमतीनगर के अधिकारियों ने पांच नए 33/11 केवी उपकेंद्रों के निर्माण का प्रस्ताव मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक संदीप भागिया को भेजा है। इन उपकेंद्रों को मंजूरी मिलने से आसपास के करीब 10 पुराने उपकेंद्रों पर ओवरलोडिंग की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी।
अमौसी के मुख्य अभियंता राम कुमार ने पारा, कल्ली पश्चिम और बेलीराम में उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, गोमतीनगर के मुख्य अभियंता सुशील गर्ग ने भैसोरा और टेराखास में नए उपकेंद्रों का प्रस्ताव भेजा है। निगम के एक अधिकारी के मुताबिक, इसी सप्ताह प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।