राजधानी लखनऊ में सोलर कंपनी से वसूली के प्रयास में गिरफ्तार आईएएस अभिषेक प्रकाश का बिचौलिया निकांत जैन 12 कंपनियों का मालिक भी था। इनमें से छह वर्तमान में चल रही हैं। शुक्रवार को जब एसटीएफ उसकी तलाश में विनम्र खंड स्थित आवास पहुंची, तो उसका रहन-सहन देखकर हैरान रह गई। उसका घर काफी आलीशान है। निकांत के पिता सुधीर कुमार जैन ए क्लास के सरकारी ठेकेदार थे। उनके राजनीतिज्ञों और नौकरशाहों से संबंधों का निकांत ने जमकर फायदा उठाया और अपनी पैठ बना ली।
अधिकारियों के मुताबिक निकांत की कंपनियों में श्री बाहुबली इंफ्राबिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, एक्मे रियल्टी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड, एसएसजी एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड, श्री बाहुबली बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड, लीजेंड रिटेल नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड, सौरभ पेट्रो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड आदि शामिल हैं। इनमें निकांत के भाई सुकांत जैन समेत कई परिजन निदेशक रहे हैं। हालांकि, इनमें से छह कंपनियां अब बंद हो चुकी हैं।
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विराट खंड, विनम्र खंड समेत राजधानी के कई पतों पर तमाम अन्य कंपनियां भी संचालित किए जाने के प्रमाण मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि निकांत कई ब्यूरोक्रेट्स की काली कमाई को शेल कंपनियों में खपा रहा था। यह भी पता चला कि निकांत के पिता ने 2001 से 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर और 2017 में गोमती नगर विनय खंड मिनी स्टेडियम सहित कई बड़ी परियोजनाओं का निर्माण कार्य कराया था।
जिला प्रशासन की मदद कर अभिषेक प्रकाश से निकटता बढ़ाई
मूल रूप से मेरठ निवासी सुधीर जैन 25 साल पहले लखनऊ आ गए थे। निकांत ने पिता की मृत्यु के बाद कारोबार संभाला और देखते ही देखते तमाम ब्यूरोक्रेट्स का करीबी बन गया। वर्ष 2019 में अभिषेक प्रकाश लखनऊ के डीएम बने। कोरोना काल के दौरान निकांत ने जिला प्रशासन की कई बार मदद कर अभिषेक प्रकाश से निकटता बढ़ाई थी।