प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादों के कई प्लांट लगाने जा रही है। इनमें दूध, मक्खन, पनीर, दही, छाछ, गुलाबजामुन व रसगुल्ला शामिल हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि दुग्ध संघों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
सरकार का मानना है कि जब यह प्लांट चालू हो जाएंगे तो प्रदेश के किसानों को दूध के अच्छे दाम मिलेंगे।
दुग्ध विकास विभाग के अनुसार अंबेडकरनगर में 21 करोड़ रुपये की लागत से संतुलित पशु आहार की निर्माणशाला स्थापित की जा रही है। इससे प्रतिदिन 50 मीट्रिक टन पशु आहार का उत्पादन होगा।
मेरठ में मक्खन की फैक्ट्री लगेगी।10 करोड़ की लागत से लगने वाली इस फैक्ट्री में 20-20 ग्राम मक्खन की पैकिंग वाले उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
यहीं पर सूखा दूध, गुलाब जामुन व रसगुल्ला की टिन पैकिंग का भी उत्पादन किया जाएगा। मेरठ में ही एक करोड़ की लागत से पनीर की फैक्ट्री लगनी भी प्रस्तावित है।
यहां पर 200 व 500 ग्राम की वैक्यूम पैकिंग में पनीर मिलेगा। हापुड़ में दही व छाछ का तीन करोड़ रुपये का नया प्लांट लगाया जाएगा। बनारस में पौने दो करोड़ रुपये से गुलाब जामुन व रसगुल्ला बनाने की फैक्ट्री लगेगी। मथुरा में भी दही व मट्ठे की फैक्ट्री लगाई जाएगी।