मृतक श्यामू (फाइल फोटो) और डकैतों के हमले में घायल महिला।
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राजधानी लखनऊ में मंगलवार को नए डीजीपी कार्यभार ग्रहण करने जा रहे हैं तो इसके पहले रात में ही डकैतों ने उन्हें चुनौती दे दी। अभी काकोरी में पड़ी डकैती का खुलासा पुलिस कर भी नहीं पाई थी कि सोमवार रात मलिहाबाद थाना क्षेत्र में डकैतों ने खूब तांडव मचाया।
बता दें कि अमर उजाला ने 23जनवरी के अंक में चेताया था कि सोमवार या मंगलवार रात को वारदात कर सकते हैं। ट्वीट भी किया था लेकिन फिर भी पुलिस नहीं चेती।
क्षेत्र के हरदोई रोड स्थित सरावां गांव निवासी पूर्व प्रधान परमेश्वर रावत के घर देर रात करीब दो से तीन बजे के बीच नकाबपोश छह डकैतों ने हमला बोल दिया। छत के रास्ते घर में घुसे डकैतों में पहले तो पूरे घरवालों को बंदूक की नोंक पर कब्जे में ले लिया। फिर सभी को एक कमरे में बंद कर दिया।
इसके बाद परमेश्वर के बेटे श्यामू को बंदू की बट और लात-घूसों से खूब मारा-पीटा। उसके पास मौजूद पांच लाख रुपये लूट लिए। श्यामू की पत्नी को भी पीटकर उससे करीब दो लाख के जेवर लूट लिए। बदमाशों के जाने के बाद परिवारीजन श्यामू को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उससने दम तोड़ दिया।
परमेश्वर ने बताया कि श्यामू ने आम की बाग खरीदी थी, उसी के पैसे देने के लिए उसने पांच लाख रुपये का इंतजाम कर रखा था।
दरवाजा खोलते ही मार दी गोली
डकैती के बाद बिखरा पड़ा सामान।
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इसके बाद बदमाशों ने इसी गांव के छत्रपाल यादव के घर में धावा बोला। पहले तो बदमाशों ने दरवाजा खटखटाया, जब अंदर से दरवाजा खोलने से मना कर दिया गया तो बदमाशों ने दरवाजा तोड़ दिया और छत्रपाल के सामने आते ही उसके पैर में गोली मार दी।
यहां बदमाश लूटपाट कर ही रहे थे कि इसी बीच गांव में हल्ला हो गया। मौजूदा प्रधान अवधेश ने अपने लाइसेंसी रिवॉल्वर से दो राउंड फायरिंग की तो बदमाश भाग निकले। छत्रपाल का इलाज ट्रॉमा में चल रहा है।
इन्हीं वारदातों के बीच सरावां गांव के बगल के ही कस्बे मुंशीगंज निवासी दयाराम कनौजिया और कन्हैयालाल कनौजिया के घरों में भी में चार नकाबपोश बदमाशों ने धावा बोला। यहां भी महिलाओं को मारपीटकर लाखों की लूटपाट की।
सीओ प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने रहीमाबाद इलाके से करीब छह लोगों को उठाया है। पीड़तों से उनकी पहचान करवाई जा रही है।
300 मीटर की दूरी पर थे एसपी
बिखरा सामान
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जिस वक्त ये वारदातें हुईं तब मिरजागंज चौराहे के पास एसपी ग्रामीण टीम के साथ पेट्रोलिंग कर रहे थे। बता दें कि मिरजागंज चौराहे से सरावां और मुंशीगंज 300-400 मीटर की दूरी पर है। वहीं, पुलिस विभाग के कुछ सूत्रों के अनुसार जब मुंशीगंज में लूटपाट हो रही थी तब तो गश्ती दल उसी गली से ही गुजर रहे थे।