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लखनऊ में हाथ काट दो... अंगूठा काट दो.. कहकर दहशत फैलाते रहे डकैत

Wed, 12 Jul 2017 07:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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आपबीती सुनाते पीड़‌‌ित
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लखनऊ के पीजीआई के साउथ सिटी इलाके में सोमवार देर रात लोहे की रॉड और डंडों से लैस छह बदमाशों ने एचएएल के सुपरवाइजर देवेंद्र सिंह नेगी के घर पर धावा बोलकर लूटपाट की। रात करीब एक बजे खिड़की काटकर भीतर घुसे बदमाशों ने जेवर और कैश के बारे में जानकारी मांगते हुए दोनों को बेरहमी से पीटा। 
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डकैती डालने वाले बदमाशों ने दहशत फैलाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। साधना ने विरोध करने की कोशिश की तो डकैतों ने देवेंद्र की गर्दन पकड़ ली और कभी उसका हाथ काटने तो कभी पैर का अंगूठा काटने की धमकी देने लगे। 

एक डकैत ने देवेंद्र की कलाई की नस काटने की भी बात कहते हुए बांका उठाया तो साधना रोते हुए गिड़गिड़ाने लगीं। इसके बाद डकैतों ने उनके हाथ-पैर बांधकर बाथरूम में बंद कर दिया। उधर, बेडरूम में देवेंद्र को खामोश रहने की धमकी देते हुए पेट के बल लिटा दिया। 
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डकैतों को शक था कि घर पर काफी रुपया व जेवर है। आलमारियों की तलाशी में उन्हें मामूली जेवर और कैश मिला तो वह भड़क गए। तलाशी लेने के दौरान वह बीच-बीच में आकर देवेंद्र और साधना को गालियां देते हुए लातों और लोहे की रॉड से मारते भी रहे।
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बावरिया-घुमंतू गिरोह या बांग्लादेशी बदमाशों पर शक

डकैती के बाद ब‌िखरा सामान
डकैती की वारदात में बावरिया व घुमंतू गिरोह या बांग्लादेशी बदमाशों के होने की आशंका जताई जा रही है। एएसपी उत्तरी अनुराग वत्स ने बताया कि डकैत अपने साथ लोहे की रॉड व डंडे लेकर आए थे। लखनऊ में जगह-जगह बांग्लादेशियों के ठिकाने हैं। 

कई झोपड़पट्टी में भी बांग्लादेशी रहकर जीविका के लिए अपराध कर रहे हैं। यह भी हो सकता है कि बारिश के मौसम में बावरिया या घुमंतू गिरोह वारदातों के लिए निकल पड़ा हो। सभी आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए छानबीन की जा रही है। 

एएसपी उत्तरी ने कहा कि बदमाशों का मई में गोमतीनगर के विवेकखंड एक और विरामखंड पांच में पड़ी दो डकैती की वारदातों से कोई जुड़ाव नहीं लग रहा। उन वारदातों में बदमाशों का हुलिया और उम्र वर्ग अलग थी। बदमाशों के पास कोई हथियार नहीं था और न ही उन्होंने मारपीट की थी। 

उनकी भाषा भी अलग थी। गोमतीनगर वाली वारदातों में बदमाश रात ढाई से तीन बजे के बीच घर में घुसे थे जबकि देवेंद्र नेगी के घर पर रात एक बजे बदमाशों ने धावा बोला था।

दुबले-पतले और युवा थे डकैत
साधना ने बताया कि डकैत जब बेडरूम में घुसे तो तो लाइट बंद थी इसलिए वह किसी का चेहरा नहीं देख सकीं। कद-काठी से बदमाश दुबले-पतले लग रहे थे और आवाज से ऐसा लग रहा था कि उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है। बदमाश सामान्य बोलचाल की भाषा प्रयोग कर रहे थे। वारदात के दौरान बदमाश सिगरेट पीते रहे और गुटखा खाते रहे।
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