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Mohanlalganj: पच्चीस हजार का इनामी डकैत गिरफ्तार, मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता था गिरोह

Thu, 22 May 2025 05:34 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, मोहनलालगंज

सार

मोहनलालगंज में किसान के यहां हुई डकैती में आरोपी 25 हजारी के इनामी डकैत को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को उसके पास से तमंचा व ज्वैलरी बरामद हुई है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मोहनलालगंज के भैदुआ में किसान के घर डकैती डालने में शामिल पच्चीस हजार के इनामिया गैंग के सरगना डकैत को बुधवार की रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पकडे़ गए बदमाश के पास से पुलिस ने अवैध तमंचा व लूट की सोने चांदी की दो लाख कीमत की ज्वैलरी बरामद की है। मार्च 2025 की रात लगभग बारह बजे मोहनलालगंज के भैदुआ गांव के किसान गंगाराम के घर डकैतों ने धावा बोला था लेकिन लोगों के जागने पर डकैत सफल नहीं हो सके थे।

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डकैत भागे तो हड़बड़ाहट में एक बदमाश के तमंचे से फायर हो गया और गोली लगने से सीतापुर के बदमाश सुशील चौहान की मौत हो गई। बदमाश का शव पुरसेनी के पास रेलवे ट्रैक पर पुलिस ने बरामद किया था। पुलिस घटना में शामिल सीतापुर निवासी सात बदमाशों को पहले ही गिरफ्तार कर भेज चुकी है। एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि गैंग के सरगना बडौरा सीतापुर गांव के पूर्व प्रधान बुचऊ उर्फ रामजीवन फरार चल रहा था।

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फरार चल रहे बदमाश पर पुलिस ने पच्चीस हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था। पुलिस की चार टीमें पूर्व प्रधान को तलाश रही थीं। बुधवार की रात लगभग ग्यारह बजे लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर सूर्या काॅलेज के पास गैंग के सरगना के मौजूद होने की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी डकैत को पकड़ लिया।

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पकड़े गए बदमाश के पास से .315 बोर का देशी तमंचा, चार कारतूस व लगभग दो लाख रुपये की कीमत के सोने चांदी के जेवरात बरामद हुए हैं। पकड़े गए बदमाश ने किसान के घर डकैती का प्रयास करने में शामिल होने की बात कबूल की है। गैंग के सरगना ने दो विवाह किए हैं। पकडे़ गए गैंग के सरगना पर लखनऊ, रायबरेली व सीतापुर मे हत्या, लूट व डकैती समेत बारह मुकदमें दर्ज हैं।


मोबाइल का नहीं करते थे इस्तेमाल

एसीपी ने बताया कि यह गिरोह वारदात से पहले गांव में दो-तीन लोगों को रेकी के लिए भेजता था। मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। घटनास्थल से पहले दो किलोमीटर दूर गाड़ी छिपाते थे और अपने कपड़े उतारकर सिर्फ बनियान और अंडरवियर में वारदात को अंजाम देते थे। शरीर पर तेल या चिकनाई लगाते थे ताकि पकड़ में आने पर फिसल सकें। हमेशा खेतों के रास्ते आते-जाते थे। जिससे सीसीटीवी से बच सकें।

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