केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से अपने कर्मचारियों को 10 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने संबंधी आदेश जारी करने के बाद प्रदेश के वित्त विभाग ने भी प्रशासनिक अधिकारियों, राज्यकर्मियों व शिक्षकों का महंगाई भत्ता बढ़ाने से जुड़ी कार्यवाही शुरू कर दी है।
उधर, सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र व सचिव ओंकार नाथ तिवारी ने सरकार से प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही कर्मचारियों का डीए जारी करने की मांग की है।
वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने बुधवार को केंद्रीय कर्मियों को 10 प्रतिशत नकद महंगाई भत्ता दिए जाने संबंधी आदेश जारी किया है।
अब यहां भी भत्ता बढ़ाने पर आने वाले खर्च का आंकलन शुरू हो गया है। प्रांरभिक आकलन के अनुसार 10 प्रतिशत डीए बढ़ाने पर राज्य सरकार पर चालू वित्त वर्ष में 1470 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आने का अनुमान है।
इसमें करीब साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये जीपीएफ में जाएंगे जबकि 900 करोड़ रुपये से अधिक कर्मचारियों को नकद मिलेंगे। प्रदेश के कर्मचारी अभी 80 प्रतिशत महंगाई भत्ता पा रहे हैं।
अधिकारी के अनुसार प्रस्ताव तैयार कर अनुमति के लिए मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री से अनुमति मिलने के बाद इस संबंध में आदेश जारी होगा।
प्रशासनिक अधिकारियों व राज्य कर्मचारियों-शिक्षकों के लिए अलग-अलग प्रस्ताव तैयार करने की कार्यवाही चल रही है।