चुनाव आयोग से अनुमति मिलने के बाद वित्त विभाग ने प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दिन बृहस्पतिवार को प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों व शिक्षकों को 100 फीसदी महंगाई भत्ता (डीए) दिए जाने संबंधी शासनादेश जारी कर दिया।
शासन को एक दिन पहले ही आयोग से डीए जारी करने की मंजूरी मिली थी। अब कर्मचारियों को मूल वेतन के बराबर डीए मिलेगा।
सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र का कहना है कि इससे प्रदेश के करीब 21 लाख कर्मचारियों-अधिकारियों को मूल वेतन के अनुसार करीब 1500 रुपये से 5000 रुपये प्रति महीने फायदा होने की उम्मीद है।
अभी 90 फीसदी है भत्ता
शासनादेश के अनुसार प्रदेश में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों व शिक्षकों को एक जनवरी 2014 से मूल वेतन का 100 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा।
वर्तमान में कर्मी 90 प्रतिशत महंगाई भत्ता पा रहे थे। 10 प्रतिशत वृद्धि के साथ डीए मूल वेतन का 100 फीसदी हो गया है। जनवरी 2014 से मार्च तक डीए की बढ़ी रकम जीपीएफ में जमा होगी।
अप्रैल के वेतन से बढ़े डीए का नकद भुगतान शुरू हो जाएगा। कर्मचारियों को एक मई को जब अप्रैल का वेतन मिलेगा तो बढ़ा हुआ डीए भी उसमें शामिल होगा।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को डीए की बढ़ी पूरी रकम नकद प्राप्त होगी।
इन्हें मिलेगा लाभ
-अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी
-राज्य कर्मचारी
-सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्था के कर्मी
-शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारी
-कार्य प्रभारित कर्मचारी
-यूजीसी वेतनमान में कार्यरत पदधारक
रिटायर कर्मचारियों को भी लाभ
उन कर्मचारियों व शिक्षकों को भी इसका लाभ मिलेगा जो एक जनवरी 2014 को सेवारत थे लेकिन शासनादेश जारी होने के पहले विभिन्न वजहों से उनकी सेवा समाप्त हो गई हो। सेवा समाप्ति की तिथि तक इसका फायदा पाएंगे।
नई पेंशन योजना के दायरे में आने वाले कर्मियों को महंगाई भत्ते के एरियर की रकम का 10 प्रतिशत हिस्सा टियर-1 पेंशन खाते में जमा किया जाएगा।
इतना ही अंशदान राज्य सरकार अथवा नियोक्ता को करना होगा। एरियर की बाकी 90 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों को नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट के रूप में मिलेगा।
जिन अधिकारियों व कर्मचारियों की सेवाएं शासनादेश के जारी होने की तिथि से पहले समाप्त हो गई अथवा जो रिटायरमेंट की आयु प्राप्त कर 1 जनवरी 2014 से शासनादेश जारी होने के पहले रिटायर होने वाले हैं, उन्हें डीए के बकाये की संपूर्ण रकम नकद मिलेगी।
50 प्रतिशत डीए मूल वेतन में मर्ज हो
सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र, उपाध्यक्ष मुदस्सिर हुसैन, सचिव ओंकार नाथ तिवारी व कर्मचारी-शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वीपी मिश्र ने बढ़े हुए डीए के नकद भुगतान का शासनादेश जारी करने के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
इन नेताओं ने कहा है कि कर्मचारियों का डीए 100 प्रतिशत हो जाने की वजह से सरकार को इसका 50 प्रतिशत हिस्सा मूल वेतन में मर्ज करना चाहिए।
कर्मचारी नेताओं ने छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार सरकार से डीए का 50 फीसदी मूल वेतन में जोड़ने की मांग की है।
पेंशनरों ने उपेक्षा पर जताया रोष
यूपी सचिवालय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव एनपी त्रिपाठी व यूपी पेंशनर्स कल्याण संस्था के अध्यक्ष केएम काजमी ने पेंशनरों का डीए जारी न किए जाने पर अप्रसन्नता जताई है।
त्रिपाठी ने कहा कि पेंशनर को डीए दिए जाने संबंधी आदेश भी केंद्र जारी कर चुका है। पर, प्रदेश सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
पेंशन पर जीवन निर्वाह करने वाले लोगों की जिस तरह उपेक्षा की गई है, इससे बहुत तकलीफ पहुंची है। शासन को तत्काल इस संबंध में कार्यवाही करनी चाहिए।