जनता दल परिवार से अलग हुए घटक दलों के विलय के बाद बनने वाले समाजवादी जनता दल का चुनाव चिह्न साइकिल हो सकता है। इस संबंध में मुलायम सिंह यादव की दूसरे दलों के नेताओं से प्रारंभिक बातचीत हो गई है।
सपा संसदीय बोर्ड ने भी नए दल में सपा के विलय के संबंध में फैसला लेने के लिए मुलायम को अधिकृत कर दिया है। जनता दल परिवार का हिस्सा रहे समाजवादी पार्टी, जनता दल (यू) राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल (सेक्युलर), इंडियन नेशनल लोकदल, समाजवादी जनता पार्टी के नेता एकीकरण के लिए दो बैठकें कर चुके हैं।
आने वाले समय में छह दलों का विलय करके एक नई पार्टी का गठन हो सकता है। हालांकि अभी तय नहीं है लेकिन नई पार्टी का नाम समाजवादी जनता दल हो सकता है।
ऐसा करने पर सपा, राजद, जद (यू) व जद (एस) व सजपा के नामों का एक हिस्सा नई पार्टी में शामिल हो जाएगा। सपा के सूत्रों का कहना है कि पार्टी मुखिया ने नए दल का गठन होने पर उसका चुनाव चिह्न साइकिल रखने पर जोर दिया है।
लालू जैसे दिग्गजों को छोड़ना होगा अपना चुनाव निशान
सपा नेताओं का कहना है साइकिल जनता में सबसे ज्यादा और सबसे आसान पहुंच वाला सिंबल हो सकता है। साइकिल का इस्तेमाल हर तबके के लोग करते हैं, गरीब भी और अमीर भी। अधिकतर घरों में बड़ों या बच्चों के पास साइकिल जरूर होती है।
साइकिल पर नीतीश और शरद यादव के जनता दल (यू) को आपत्ति हो सकती है। अगले साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। उनका तीर चुनाव चिह्न काफी लोकप्रिय हो चुका है।
हालांकि जद (यू) नेताओं को लगता है कि ‘साइकिल’ को जनता तक पहुंचाने में कोई खास दिक्कत नहीं आएगी। नए दल का सिंबल ‘साइकिल’ होने पर लालू को लालटेन और चौटाला को ऐनक समेत सभी दलों को अपने निशान छोड़ने पड़ेंगे।
मुलायम को लेना होगा बड़ा फैसला
उधर, दिल्ली में सपा संसदीय बोर्ड की बैठक में जनता दल परिवार के घटक दलों का विलय कर नई पार्टी बनाने के संबंध में फैसला लेने के लिए मुलायम को अधिकृत कर दिया गया।
उनकी अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकतर सदस्यों की राय थी कि नए दल के गठन की स्थिति में साइकिल सिंबल रखने पर जोर दिया जाए।