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कोरोना वैक्सीन पंजीकरण के नाम पर साइबर ठगों ने ठगी का जाल बिछाया, इन बातों का रखें ख्याल

Thu, 31 Dec 2020 10:41 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : पेक्सेल्स
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कोविड-19 संक्रमण का डर लोगों के जेहन से अभी खत्म नहीं हुआ है। इसका सीधा फायदा साइबर जालसाज उठा रहे हैं। इन जालसाजों ने अब नए तरीके से ठगी शुरू कर दी है। लोगों के मोबाइल पर कॉल कर उनसे कोरोना वैक्सीन के लिए पंजीकरण की बात कहते हैं।

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इसके लिए मोबाइल धारक को लिंक, ओटीपी साझा करने को कहते हैं। जैसे ही साझा किया गया उनके खाते खाली हो जा रहे हैं। इसकी शिकायतें मिलने पर साइबर क्राइम सेल ने एडवाइजरी जारी की  है। जिसमें साफ कहा कि इस तरह का कोई पंजीकरण सरकार द्वारा नहीं कराया जा रहा है। ऐसे कॉल करने वालों से खुद को सुरक्षित रखें। किसी को गोपनीय जानकारी साझा न करें।

साइबर ठग लोगों के मोबाइल पर कॉल कर वैक्सीन के बारे में जानकारी दे रहें हैं। कॉल करने के बाद रिसीव करने वाले से कहते हैं कि अपने देश में कोरोना वैक्सीन आ चुकी है। लेकिन सरकार की तरफ से यह वैक्सीन उन्हीं लोगों को लगाई जाएगी। जो अपना पंजीकरण करवा लेंगे। इस पंजीकरण के लिए लोगों को अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल नंबर देना अनिवार्य है।
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इसके बाद ही सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। जिसका वेरिफिकेशन कराया जाएगा। इसके बाद पंजीकरण पूरा होगा। फिर स्वास्थ्य केंद्र से वैक्सीन केलिए समय व तारीख तय की जाएगी। जो मैसेज के जरिए भेजा जाएगा।

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शिकायत आने के बाद हरकत में आई साइबर क्राइम सेल

साइबर क्राइम सेल के एसीपी विवेक रंजन के मुताबिक इस तरह की शिकायतें आ रही हैं। जिनमें लोगों को कोरोना वैक्सीन केनाम पर ठगा जा रहा है। इस तरह की एक शिकायत आलम बाग में रहने वाले सुजीत कनौजिया ने की।

सुजीत के मुताबिक के मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी बताया और कोरोना वैक्सीन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की बात कहीं। इसके लिए आधार कार्ड का नंबर पूछा। सुजीत ने आधार कार्ड नंबर बताया तो उनके मोबाइल पर एक ओटीपी आया। ओटीपी पूछा तो कुछ शक हुआ। जिसके बाद सुजीत ने ओटीपी नहीं बताया।

उन्होंने इसकी जानकारी साइबर क्राइम सेल को दी। इसी तरह चौक निवासी अतुल कुमार के पास भी कोरोना वैक्सीन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कॉल आई। अतुल से आधार कार्ड की डिटेल पूछी और इसके बाद ओटीपी नंबर भी पूछा गया। सचिन ने जैसे ही ओटीपी बताया तो उसे शक हुआ। उसने कॉल डिस्कनेक्ट किया और डिटेल के लिए अपने रिश्तेदार को कॉल कर पूछा। साइबर क्राइम सेल से इन पीड़ितों ने शिकायत की। जिसके बाद दिये गये नंबरों की जांच साइबर क्राइम सेल ने शुरू कर दिया है।
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इस तरह की कॉल आने पर करें शिकायत

एसीपी विवेक रंजन राय के मुताबिक कोरोना वैक्सीन के नाम पर कुछ गिरोह ऑन लाइन जालसाजी करने में सक्रिय हो गये है। वैक्सीन को लेकर भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। इस तरह की जानकारी पर भरोसा न करें। वैक्सीन के पंजीकरण केलिए अभी कोई दिशा निर्देश सरकार ने नहीं जारी किए हैं। ऐसे किसी भी व्यक्ति द्वारा कॉल करने पर तत्काल साइबर क्राइम सेल को सूचना दें। ऐसे लोगों से किसी भी तरह की जानकारी साझा न करें। ऐसे लोगों से व्हाट्सएप पर मैसेज चैटिंग न करें। अंजान लिंक और कॉल से दूर रहें।

इन बातों का रखें ख्याल
-  किसी अंजान व्यक्ति से निजी और गोपनीय जानकारी जैसे बैंक एकाउंट, एटीएम कार्ड (गोपनीय नंबर), आधार कार्ड और पैन कार्ड संबधी जानकारी साझा न करें।
- मोबाइल पर आए किसी भी प्रकार के ओटीपी को किसी से शेयर ना करें।
- कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराने का वादा करने वाले किसी भी प्रकार की एप को डाउनलोड ना करें।
- कोरोना वैक्सीन के संबंध में फोन के माध्यम से या अन्य किसी भी प्रकार का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा रहा है।
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