सावधान, रुपये निकालने के लिए एटीएम बूथ पर जुटी भीड़ के बीच साइबर ठग भी छिपे हुए हैं। ये ठग रुपये निकालने आए लोगों के एटीएम कार्ड पर लिखा नंबर और पासवर्ड देखकर उनकी रकम ऑनलाइन गायब कर रहे हैं।
1000 और 500 रुपये के करेंसी नोट बंद होने के बाद से ऐसे मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हजरतगंज स्थित साइबर सेल के उपनिरीक्षक विजयवीर सिंह सिरोही के मुताबिक बीते करीब एक सप्ताह में ऑनलाइन रकम गायब होने की शिकायतें आठ गुना बढ़ी हैं।
पहले दो-तीन दिन में ऐसे तीन-चार मामलों की शिकायतें ही मिलती थीं लेकिन आठ नवंबर को पुरानी करेंसी के 1000 व 500 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा के बाद से इस प्रकार की शिकायतों में इजाफा हुआ है।
नौ नवंबर से 14 नवंबर के बीच साइबर सेल को ऑनलाइन ठगी की करीब 30 शिकायतें मिल चुकी हैं। इसमें लखनऊ के छितवापुर वीरनगर निवासी बृजेंद्र शुक्ला, हसनगंज के रामखेलावन, कृष्णानगर के सिंधुनगर के विजय बाजपेयी, मोहनलालगंज की न्यू कॉलोनी निवासी पैंजी रानी दत्त, राजाजीपुरम के सौरभ खत्री, सरोजनीनगर के हिंदनगर निवासी मनीष त्रिपाठी, सीतापुर के अटरिया गढ़ी गांव के रामलखन शर्मा और सीतापुर रोड मड़ियांव के भरतनगर निवासी जमील समेत कई लोग ठगी के शिकार हो चुके हैं।
उपनिरीक्षक सिरोही के मुताबिक, एटीएम बूथ पर इस वक्त लोगों में रुपये निकालने की होड़ लगी है। भीड़ इतनी ज्यादा है कि बूथ के भीतर एक बार में एक ही व्यक्ति के जाने की अनुमति के बावजूद आठ से दस लोग घुसते हैं।
लोगों को बूथ में घुसने से रुपये निकालने वाले टोक रहे हैं, न ही सिक्योरिटी गार्ड। भीड़ में शामिल साइबर क्रिमिनल आसानी से लोगों के एटीएम कार्ड की डिटेल हासिल कर रहे हैं।
कार्ड किस बैंक का है, कार्डधारक का नाम क्या है, कार्ड का नंबर क्या है, मैग्नेटिक चिप के नीचे लिखा तीन अंकों का सीवीवी नंबर और पासवर्ड देख साइबर ठग ऑनलाइन रकम गायब कर रहे हैं।
साइबर सेल के जानकारों ने बताया कि इस गिरोह में बैंक के लोग भी शामिल हैं जो कार्ड का नंबर अथवा कार्डधारक का नाम और पासवर्ड पता चलते ही बाकी जानकारियां बैंकों से हासिल करके हैकरों को दे रहे हैं।