लखनऊ में सरकारी खजाने व देश की सुरक्षा में सेंध लगाकर अवैध फोन एक्सचेंज चलाने वाले गिरोह के सरगना समेत तीन जालसाजों को साइबर सेल ने बृहस्पतिवार को दबोच लिया।
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मुंबई और वाराणसी में अवैध एक्सचेंज लगाने के बाद गिरोह अब लखनऊ में जमीन तलाशने आया था। शातिर आईएसडी कॉल को राउटर के जरिये लोकल कॉल में बदलकर फर्जीवाड़ा कर रहे थे।
पकड़े गए जालसाजों में मुंबई के थाणे का सचिन राज, भदोही का चंचल मिश्रा और वाराणसी के मिर्जामुराद का सुजीत सिंह शामिल है। इस गिरोह का ताल्लुक फिलीपींस, श्रीलंका और नेपाल से है। एटीएस और सेना की खुफिया विंग ने जालसाजों से पूछताछ शुरू कर दी है।
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क्षेत्राधिकारी हजरतगंज व साइबर सेल के नोडल अधिकारी अभय कुमार मिश्र के मुताबिक, राजधानी में अवैध मिनी टेलीफोन एक्सचेंज लगाए जाने की सूचना पर साइबर सेल की टीम ने कुछ संदिग्ध नंबरों पर काम शुरू किया। इसके बाद टीम ने बृहस्पतिवार सुबह लालबाग के पास से तीन युवकों को दबोच लिया।
महज 50 पैसे में हो जाती बात
84 सिमकार्ड, 5 सिम बॉक्स बरामद
- फोटो : अमर उजाला
क्षेत्राधिकारी हजरतगंज ने बताया कि खाड़ी देश में रहने वाले भारतीय परिवारीजनों से बात करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कॉल करते हैं, जो काफी महंगी होती है। कॉल की कीमत करीब आठ रुपये प्रति मिनट की दर से लगती है।
अवैध फोन एक्सचेंज चलाने वाले इसका फायदा उठाकर उन्हें सस्ती दर पर कॉल का ऑफर देकर कमाई करते हैं। गिरोह सिम बॉक्स के जरिये इंटरनेट सेवा की मदद से एक कॉल जंप कराकर परिवारीजनों से सस्ते दर पर बात कराता था।
इस एक्सचेंज से बात करने पर आठ रुपये की जगह 50 पैसे ही लगते हैं। इस एक्सचेंज से अंतरराष्ट्रीय कॉल को लोकल कॉल में बदल कर जालसाज हर महीने लाखों कमाते हैं।
क्षेत्राधिकारी के मुताबिक पकड़े गए युवकों ने बताया कि वे लखनऊ में जगह तलाश रहे थे। इससे पहले गिरोह ने वाराणसी में एक मिनी टेलीफोन एक्सचेंज लगाया था। मुनाफा कम होने के कारण इसे बंद कर दिया और लखनऊ चले आए। हालांकि मुंबई में जालसाजों ने काफी माल कमाया।
तीन देशों में नौकरी कर चुका है मास्टर माइंड
सामान हुआ बरामद
- फोटो : अमर उजाला
84 सिमकार्ड, पांच सिम बॉक्स, तीन वाई-फाई मॉडम बरामद
सीओ ने बताया कि दबोचे गए जालसाजों के पास से पांच एंटीना लगे सिम बॉक्स, एक स्विच, तीन वाई-फाई मॉडम, 84 सिमकार्ड समेत कई तकनीकी सामान मिला है।
साइबर सेल प्रभारी जुबेर अहमद के मुताबिक, मास्टर माइंड सचिन एमबीए और कम्यूटर प्रोग्रामिंग का कोर्स करने के बाद फिलिपिंस, श्रीलंका और नेपाल में नौकरी कर चुका है।
उसने पूछताछ में बताया कि वह फिलिपिंस में सन टेलीकॉम कंपनी में नौकरी कर चुका है। पश्चिमी देशों में मिनी टेलीफोन एक्सचेंज की अनुमति सरकार देती है और लोग लाइसेंस लेकर काम करते हैं साइबर सेल प्रभारी के मुताबिक भारत में मिनी एक्सचेंज लगाना गैरकानूनी है।
सचिन ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बारे में जानकारी की तो पता चला कि यहां के ज्यादातर जिलों से लोग विदेशों में नौकरी करने जाते हैं। इसी का फायदा उन्होंने उठाया।
दो साल पहले कृष्णानगर पुलिस ने एक फर्जी एक्सचेंज पकड़ा था। इस गिरोह ने हजरतगंज के तेजकुमार प्लाजा में अपना सेटअप तैयार किया था। साथ ही कैसरबाग में एक किराये के मकान में सेटअप लगाया था। लगातार दो दिन की छापेमारी के दौरान तीन अवैध एक्सचेंज पकड़े गए थे।