हूजी से ताल्लुकात रखने वाले आतंक के आरोपी अब्दुल रहमान उर्फ मो. इकबाल उर्फ मौलाना इकबाल के शरीर में पुलिस ने मैग्नेटिक चिप लगाई हैं या नहीं, इसकी जांच सर्जन एवं रेडियोलॉजिस्ट करेंगे।
विशेष न्यायाधीश बीएल केसरवानी ने बुधवार को जेल में लगी अदालत में एसएसपी तथा जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी की जांच कराएं। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।
कोर्ट के सामने फूट-फूटकर रोया था
गत 26 जून को राजधानी की जेल में बंद आतंक के आरोपी अब्दुल रहमान उर्फ मौलाना ने जेल में लगी कोर्ट में अर्जी दी थी।
उसने बताया था कि दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने 21 मार्च 2009 को गिरफ्तारी के बाद उसके सिर, अपेंडिक्स तथा आंतों में मैग्नेटिक चिप फिट कर दिए थे।
इससे उसे तरह-तरह की आवाजें सुनाई पड़ती हैं और चिप गर्म होने पर सिर फटने लगता है। चिप को निकलवाए जाने की अर्जी पर अदालत ने रिपोर्ट तलब की थी।
पुलिस ने बताया था बहाना
थानाध्यक्ष वजीरगंज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आरोपी जेल से बाहर जाने के बहाने किसी तरह से फरार होना चाहता है।
वहीं जेल के चिकित्साधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि आरोपी के सिर में चोट का निशान तो है, लेकिन उसके सिर या पेट के किसी भाग में बाहरी वस्तु या चिप नहीं लगी है।
हालांकि जेल के डॉक्टर ने रिपोर्ट में आरोपी की जांच किसी सर्जन या रेडियोलॉजिस्ट से कराए जाने की भी सलाह दी।
लगे हैं गंभीर आरोप
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी अब्दुल रहमान बंग्लादेश के प्रतिबंधित अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन हूजी तथा पाकिस्तान के हरकत-उल-जेहाद अल इस्लामिक का सदस्य है।
उसके ऊपर आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त रहने का आरोप है। कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे सर्जन तथा रेडियोलॉजिस्ट से आरोपी का परीक्षण कराएं।
वहीं एसएसपी को निर्देश दिया कि वे आरोपी की जांच कराए जाने के लिए जेल अधीक्षक को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराएं।