लखनऊ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान का जुपिटर हॉल बृहस्पतिवार को वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा का न सिर्फ साक्षी बना, बल्कि उसके राग पर 11 देशों की संस्कृतियां जमकर झूमीं। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर), विदेश मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित भारत-अंतरराष्ट्रीय नृत्य और संगीत महोत्सव में 141 कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम में भारत, रूस, दक्षिण अफ्रीका, मंगोलिया, वियतनाम, फिजी, मलयेशिया, किर्गिस्तान, रवांडा, बांग्लादेश और मालदीव के कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा से सुसज्जित होकर समृद्ध संगीत और नृत्य परंपराओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की। कोरियोग्राफर रानी खानम के निर्देशन में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।
आईसीसीआर की महानिदेशक के. नंदिनी सिंगला (भारतीय विदेश सेवा) ने कहा कि यह सांस्कृतिक महोत्सव दुनिया भर की संस्कृतियों का संगम है। संस्कृति हमें ऊंचा उठाती है और नवाचार के लिए प्रेरित करती है। इसलिए यह आयोजन मानवता की एकता का प्रतीक है।
बाल विकास व पुष्टाहार मंत्री बेबीरानी मौर्य, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) दयाशंकर मिश्र दयालु, अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश मेश्राम, प्रमुख सचिव रंजन कुमार, आईसीएआर की उप निदेशक अंजू रंजन, विशेष सचिव संस्कृति रवींद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।