फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गूंजीं पौराणिक कथाएं, नृत्य प्रस्तुतियों में किया धमाल

विज्ञापन
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गूंजीं पौराणिक कथाएं, नृत्य प्रस्तुतियों में किया धमाल
विज्ञापन
लखनऊ। उत्तराखंड महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में पौराणिक कथाओं के साथ ही आधुनिक नृत्य के रंग भी नजर आए। सुभाष देवराड़ी के नेतृत्व में थराली चमोली से आए कलाकारों ने पांडव पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किया जो महाभारत के प्रसंगों को दर्शाता है। इस नृत्य में ढोल-दमाऊं जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर कलाकारों ने पांडवों और पौराणिक पात्रों की वेशभूषा में महाभारत की घटनाओं का मंचन किया।
विज्ञापन

नाचेगा भारत के आयोजन के दौरान प्रेम सिंह बिष्ट के नेतृत्व में देवभूमि वृंदावन जन सरोकार समिति, पीजीआई वृंदावन, रेनू कांडपाल के नेतृत्व में कुर्मांचल नगर और रीना श्रीवास्तव के नेतृत्व में नृत्य डांस अकादमी ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। डांस उत्तराखंड डांस, सीजन-4 में तीन दलों ने हिस्सा लिया। माया बिष्ट के निर्देशन में बृह्म कमल सांस्कृतिक एवं सामाजिक समिति, हेमा बिष्ट के निर्देशन में आर्ट एंड कल्चरल ग्रुप, शिवानी विहार और रीमा वाणगी के निर्देशन में देवभूमि जनसरोकार समिति गोमतीनगर ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।

महोत्सव में स्वदेशी उत्पादों को पसंद कर रहे लोग

इस बार महोत्सव में लगे सौ से अधिक स्टाॅल में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दी गई है। मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह कनवाल ने बताया कि भारतीय समाज की विशेषताओं, खानपान, वेशभूषा को प्रोत्साहित करने के लिए स्वदेशी उत्पादों को विशेष महत्व दिया गया है। कुले कुल स्टॉल पर हस्तनिर्मित बुनकरी के उत्पाद हैं। हिमाचल और लद्दाख के खरगोश के बालों से बने शॉल-स्वेटर आकर्षक हैं। ओडिशा के आदिवासी समुदाय से प्रीति दास के स्टॉल पर प्राकृतिक रेशम की कांजीवरम साड़ी, प्योर ऊलेन स्वेटर, शॉल, गर्म कपड़े, कश्मीरी शॉल, सूट, सदरी खास हैं। वहीं तरह-तरह की खुशबू वाली धूपबत्ती व अगरबत्ती और पूजा सामग्री का स्टॉल पर भी रविवार को रौनक रही। उत्तराखंड के जैविक खाद्य पदार्थ जैसे मुनस्यारी का राजमा, भट्ट की दाल, गहत की दाल, चंपावत के लहसुन, बुरांश के फूल का रस, मूली, गेठी और गडेरी, अल्मोड़ा की सुप्रसिद्ध बाल मिठाई व सिंगौड़ी और चॉकलेट उत्तराखंड की ज्वेलरी जैसे नथ, पॉजिये, गलोबंद, मांग टीका, ब्रह्म कमल टोपी, पिछौडे़, ऐपण और रुड़की से ऊनी कंबल, भदोही के कारपेट, डोरमैट, स्लीपिंग बेड, चीनी मिट्टी के बर्तन के स्टॉल भी हैं।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गूंजीं पौराणिक कथाएं, नृत्य प्रस्तुतियों में किया धमाल

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गूंजीं पौराणिक कथाएं, नृत्य प्रस्तुतियों में किया धमाल

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गूंजीं पौराणिक कथाएं, नृत्य प्रस्तुतियों में किया धमाल

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गूंजीं पौराणिक कथाएं, नृत्य प्रस्तुतियों में किया धमाल

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गूंजीं पौराणिक कथाएं, नृत्य प्रस्तुतियों में किया धमाल

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गूंजीं पौराणिक कथाएं, नृत्य प्रस्तुतियों में किया धमाल

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गूंजीं पौराणिक कथाएं, नृत्य प्रस्तुतियों में किया धमाल

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गूंजीं पौराणिक कथाएं, नृत्य प्रस्तुतियों में किया धमाल

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गूंजीं पौराणिक कथाएं, नृत्य प्रस्तुतियों में किया धमाल

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गूंजीं पौराणिक कथाएं, नृत्य प्रस्तुतियों में किया धमाल

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें