लखनऊ। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में अब गंभीर रूप से घायल मरीजों को सीटी स्कैन के लिए भटकने की जरूरत नहीं होगी। ट्रॉमा में जल्द ही मोबाइल सीटी स्कैन मशीन स्थापित होगी। इससे मरीजों के बेड पर जांच हो जाएगी।
केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में 400 से अधिक बेड हैं। हर दिन यहां करीब 200 से अधिक मरीज आते हैं। इनमें से हर दिन करीब 70-80 मरीजों का सीटी स्कैन होता है। इसमें अति गंभीर मरीजों को जांच कक्ष ले जाना पड़ता है। मरीजों की समस्या को देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने मोबाइल सीटी स्कैन मशीन स्थापित करने का फैसला लिया है। ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि कई बार गंभीर हालत में मरीजों को सीटी स्कैन रूम तक ले जाना जोखिम भरा होता है। इस दौरान मरीज की स्थिति और बिगड़ने का खतरा रहता है। ऐसे में मोबाइल सीटी स्कैन मशीन से इलाज की प्रक्रिया तेज और सुरक्षित होगी। उन्होंने बताया कि मशीन की स्थापना के लिए टेंडर प्रक्रिया तेजी से चल रही है। यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो अगले दो से तीन माह में ट्रॉमा सेंटर में यह सुविधा शुरू हो जाएगी।