सीआरपीएफ की कड़ी किलेबंदी के बीच उन्नाव दुष्मर्ककांड की पीड़िता के चाचा को शुक्रवार की रात नौ बजे के बाद व्रजवाहन से तिहाड़ जेल भेज दिया गया। एसडीएम महराजगंज विनय कुमार सिंह की अगुवाई में चाचा को दिल्ली के लिए रवाना किया। दिल्ली रवाना करने के दौरान डीएम नेहा शर्मा, एसपी सुनील कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
सुप्रीम कोर्ट ने रायबरेली जिला कारागार में बंद उन्नाव कांड की पीड़िता के चाचा को तिहाड़ जेल शिफ्ट करने के आदेश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चाचा को तिहाड़ जेल भेजने की प्रक्रिया सुबह से ही चलती रही। उसे तिहाड़ जेल भेजने से पहले सीबीआई की टीम जेल जाकर उससे पूछताछ की। साथ ही उसकी सुरक्षा में जेल के बाहर सीआरपीएफ भी तैनात कर दी गई। रात में उसे तिहाड़ भेजने के लिए डीएम-एसपी के साथ ही मौके पर भारी फोर्स पहुंच गई। करीब 30 से ज्यादा सीआरपीएफ जवानों की सुरक्षा में व्रजवाहन से चाचा को तिहाड़ जेल रवाना किया गया। एसडीएम महराजगंज के अलावा अन्य पुलिस अफसर व पुलिस कर्मी भी उसकी सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली भेजे गए।
लखनऊ से जिला कारागार लाए गए ट्रक चालक और क्लीनर
लखनऊ स्थित सीबीआई कोर्ट में पेश करने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच रात में ट्रक चालक आशीष पाल और क्लीनर मोहन श्रीवास को जिला कारागार रायबरेली लाया गया। इस दौरान मीडिया ने ट्रक चालक व क्लीनर से बात करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने आनन-फानन दोनों को जेल के अंदर भेज दिया।