यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए हुए मतदान में दसवें प्रत्याशी की किस्मत क्रॉस वोटिंग से चमकी। भाजपा प्रत्याशी अनिल अग्रवाल बसपा उम्मीदवार डॉ. भीमराव अंबेडकर को हराकर जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। इस तरह भाजपा के सभी नौ प्रत्याशी विजयी रहे। जबकि सपा ने अपने विधायकों के दम पर जया बच्चन को राज्यसभा भेजने में सफल रही।
संख्या बल को देखते हुए भाजपा के आठ प्रत्याशियों की जीत तय थी। दसवें प्रत्याशी को जिताने के लिए भाजपा को विपक्षी खेमे के विधायकों के समर्थन की जरूरत थी। इस हार से बसपा को तगड़ा झटका लगा है जो कि सपा, कांग्रेस व निर्दलीय विधायकों के मतों के सहारे अपने प्रत्यााशी को राज्यसभा में भेजने का सपना देख रही थी।
इस जीत से भाजपा ने सपा-बसपा गठबंधन पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बना ली है और गोरखपुर व फूलपुर के उपचुनाव में मिली हार के गम को कुछ कम कर लिया है। बसपा की तरफ से अनिल सिंह ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया।
सुबह 9 बजे शुरू हुई वोटिंग में 400 विधायकों ने मताधिकार का प्रयोग किया। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी व सपा विधायक हरिओम यादव के वोट करने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी, जबकि नूरपुर विधायक लोकेंद्र सिंह की एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
ये था वोटों का गणित
भाजपा गठबंधन के पास 324 मत थे। सपा के पास 47 विधायक थे जिसमें से हरिओम यादव जेल में हैं और नितिन अग्रवाल ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया। बसपा के पास 19 वोट थे जिसमें अनिल सिंह ने ऐन वक्त पर पाला बदलकर बसपा की मुश्किल और बढ़ा दी। बसपा विधायक को हाईकोर्ट से वोट करने की अनुमति नहीं मिली। कांग्रेस के सात मत थे।
भाजपा के ये प्रत्याशी राज्यसभा पहुंचे-
अरुण जेटली, डॉ. अनिल जैन, जीवीएल नरसिम्हा, विजय पाल तोमर, कांता कर्दम, सकलदीप राजभर, अशोक वाजपेयी, हरनाथ सिंह यादव व (अनिल अग्रवाल)।
इन्होंने की क्रॉस वोटिंग-
- सपा के नितिन अग्रवाल और बसपा के अनिल सिंह ने पार्टी से बगावत करके भाजपा को मतदान किया।
- निर्दलीय अमनमणि त्रिपाठी व निषाद पार्टी के विजय कुमार मिश्रा ने भाजपा प्रत्याशियों को वोट दिया।
- भाजपा की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के एक विधायक ने बसपा के पक्ष में मतदान किया।