यूपी में पांचवें चरण के चुनाव में ‘इम्तिहान’ एक अलग तरह का भी है। इस चरण में दबंगों-बाहुबलियों की पूरी फौज खड़ी है।
कई सीटों पर आमने-सामने दम ठोंक रहे बाहुबलियों की जुबानी जंग प्रचार में हदें पार कर चुकी हैं तो प्रचार बंद होने के बाद इनके साम-दाम-दंड-भेद के चर्चे भी सरगर्म हैं।
देखना यह है कि अवध और पूर्वांचल के मतदाता बाहुबलियों-दबंगों को सिर चढ़ाते हैं या सबक सिखाते हैं। इनकी पुरानी कारस्तानियों पर ध्यान देंगे या मोदी-मुलायम-माया के नाम में बह जाएंगे।
वैसे भी दबंगों के भरोसे सीटें बढ़ाने से किसी भी दल ने परहेज नहीं किया है।
हत्या से लेकर घर जलाने तक आरोप
बुधवार को जिन 15 सीटों पर वोट डाले जाएंगे उनमें श्रावस्ती, फैजाबाद, कैसरगंज और फूलपुर ऐसे संसदीय क्षेत्र हैं जहां मुख्य मुकाबले वाले प्रत्याशी दबंग छवि के हैं।
भगवान बुद्ध की स्थली श्रावस्ती सीट पर सपा से पूर्व सांसद अतीक अहमद और पीस पार्टी से पूर्व सांसद रिजवान जहीर ताल ठोक रहे हैं।
अतीक जहां 42 केस का सामना कर रहे हैं वहीं रिजवान भी वाया माफियागिरी सियासत में आए हैं।
अयोध्या-फैजाबाद सीट पर सपा से बाहुबली बुजुर्ग मित्रसेन यादव और बसपा से दबंग जितेंद्र सिंह बबलू भी संगीन आरोपों से घिरे है। मित्रसेन हत्या और हत्या के प्रयास जैसे मामलों के आरोपी हैं तो बबलू पर भी घर जलाने जैसे मामले दर्ज हैं।
पार्टियों को जीत का भरोसा
तुलसीदास की जन्मभूमि वाले कैसरगंज क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी बृजभूषण शरण सिंह और सपा प्रत्याशी व राज्यमंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह के बीच शह-मात का खेल खूब चला।
बृजभूषण पर हत्या के प्रयास के अलावा राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद गिराने जैसे संगीन आरोप हैं तो पंडित सिंह की दबंगई के किस्से भी आम हैं।
तीर्थराज प्रयाग से सटे फूलपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे बसपा के दबंग प्रत्याशी कपिलमुनि करवरिया के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास जैसे मामले दर्ज हैं तो भाजपा के केशव प्रसाद मौर्य भी कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।
संतकबीर नगर सीट पर नजरें सपा प्रत्याशी भालचंद यादव और बाहुबली हरिशंकर तिवारी के बेटे भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी के आमने-सामने होने की वजह से टिकी हैं।
30 से ज्यादा क्रिमिनल केस
सुल्तानपुर का चुनावी संग्राम भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव वरुण गांधी के कद की वजह से तो चर्चा में है ही, बसपा के पवन पांडेय की मौजूदगी से भी है। पवन पर 30 से ज्यादा क्रिमिनल केस दर्ज हैं।
बगल की सीट अंबेडकरनगर से चुनाव लड़ रहे राकेश पांडेय भी हत्या और अपहरण जैसे आरोपों का सामना कर रहे हैं। चुनावी समर का सबसे रोचक अंदाज यह कि ये बाहुबली अपनी दबंगई को जोर-जुल्म से संघर्ष के तौर पर पेश कर वोट जुटाने की जुगत करते हैं।
भदोही में विजय और कौशांबी में राजा भैया की छाया
भदोही और कौशांबी सीटों पर सीधे कोई बाहुबली मैदान में नहीं है, पर इनकी छाया से यहां का समर भी अछूता नहीं है।
भदोही में दबंग विधायक विजय मिश्र अपनी बेटी और सपा प्रत्याशी सीमा मिश्रा को जिताने के लिए जुटे हैं तो कौशांबी से शैलेंद्र सिंह के लिए खाद्य एवं रसद मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया ने पूरी ताकत झोंक दी है।
हर पार्टी मे हैं दागी
कुल सीटें-15
बाहुबली
फैजाबाद
मित्रसेन यादव (सपा)-16
जितेंद्र सिंह बबलू (बसपा)-17
श्रावस्ती
अतीक अहमद (सपा)-42
रिजवान जहीर (पीस पार्टी)-1
कैसरगंज
बृजभूषण शरण सिंह (भाजपा)-2
विनोद कुमार सिंह पंडित (सपा)-3
सुल्तानपुर
पवन पांडेय (बसपा)-32
संतकबीरनगर
भालचंद यादव (सपा)-10
फूलपुर
कपिल मुनि करवरिया (बसपा)-4
केशव प्रसाद मौर्य (भाजपा)-9