पारा पुलिस ने न्यूजीलैंड में नौकरी का झांसा देकर आंध्र प्रदेश के तीन युवकों से 14.70 लाख रुपये और डेढ़ लाख रुपये का आईफोन उड़ाने वाले दो ठगों को दबोच लिया। डीसीपी दक्षिणी रईस अख्तर ने बताया कि पकड़े गए सुरेश कुमार और मलकीत सिंह हरियाणा के हैं। उन्होंने युवकों को लखनऊ बुलाकर एक होटल में ठहराया और कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें पिला दिया। युवकों के बेहोश होने के बाद शातिर उनके रुपये व मोबाइल फोन लेकर भाग गए। पीड़ितों ने केस दर्ज कराया है।
डीसीपी दक्षिण ने बताया कि आंध्र प्रदेश के येरीकोडा दौलेश्वरम पूर्व गोदावरी निवासी राजकुमार मदाला और उसके साथी पीके अविनाश व चिन्ना भानुप्रकाश 11 सितंबर को लखनऊ आए थे। हरियाणा के रोहतक स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सेक्टर ए निवासी सुरेश कुमार और कैथल के पुंडरी फलहर में रहने वाले मलकीत सिंह ने उन्हें न्यूजीलैंड में नौकरी देने की बात कहकर दिल्ली में बुलाया था। वहां से लखनऊ आने को कहा गया। तीनों को पारा के डीडीएस लॉन तिकोनिया में एक कमरे में ठहराया गया। इंस्पेक्टर त्रिलोकी सिंह ने बताया कि ठगों ने तीनों से ढाई से तीन लाख रुपये प्रति व्यक्ति मांगे थे। यहां होटल में ठगों ने तीनों युवकों को कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया और 14.70 लाख नकद व डेढ़ लाख का आईफोन लेकर भाग गए। इंस्पेक्टर ने बताया कि सर्विलांस की टीम को ठगों की लोकेशन शनिवार दोपहर एक्सप्रेस वे मोहान रोड पर मिली थी। घेराबंदी कर सुरेश और मलकीत को पकड़ लिया गया।
इंस्पेक्टर ने बताया कि ठग फेसबुक से लोगों को फंसाते थे। इन युवकों से भी फेसबुक से संपर्क किया था। तीनों को लखनऊ बुलवाकर यहीं से फ्लाइट से न्यूजीलैंड भिजवाने की बात कही गई। ठगों का कहना था कि न्यूजीलैंड में उनके वकील और कई अन्य साथी हैं, जिनकी बड़ी कंपनियों के अधिकारियों से संबंध हैं। उनसे कहकर नौकरी दिला दी जाएगी।
इंस्पेक्टर त्रिलोकी सिंह ने बताया कि ठगों के गिरोह का मास्टरमाइंड दिल्ली का घर सिंह है जो इंडोनेशिया के जकार्ता में रह रहा है। उसने वहां की नागरिकता भी हासिल कर ली है। घर सिंह व सुरेश के खिलाफ दिल्ली के उत्तमनगर में धोखाधड़ी का एक केस भी दर्ज है। सुरेश की उम्र 50 वर्ष है और वह बीए पास है जबकि मलकीत सिंह 27 साल का है और कक्षा आठ पास है। ठगों के पास से 8500 रुपया और चीनी कंपनी का एक फोन बरामद हुआ।