समाज कल्याण निगम के प्रबंध निदेशक विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह के खिलाफ आखिरकार महिलाकर्मी से छेड़छाड़ के मामले में केस दर्ज हो ही गया।
जल्द ही उनसे पूछताछ की जाएगी। मामला सात महीने पुराना है। पीड़ित महिला का आरोप है कि वह शिकायत लेकर महीनों से दर-दर भटक रही थी।
सीएम से लेकर तमाम आला अफसरों से गुहार लगाई। इसका खामियाजा उसे बर्खास्तगी के रूप में भुगतना पड़ा।
विभूति खंड थाने में सोमवार को दर्ज कराई गई शिकायत में पीड़ित महिला ने बताया है कि 26 दिसंबर 2013 को विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह ने बतौर प्रबंध निदेशक निगम में जॉइन किया।
तबसे ही विंध्यवासिनी की उस पर बुरी नजर थी। गत 15 मार्च को शाम साढ़े चार बजे जब वह पत्रावली लेकर एमडी ऑफिस गई तो अकेला पाकर विंध्यवासिनी ने उससे अश्लील हरकतें कीं।
सीएम तक भी पहुंची थी शिकायत
पीड़िता का आरोप है कि उसने विभाग के आला अफसरों के साथ ही शासन व सीएम से इसकी शिकायत की, लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया।
इसी बीच एमडी ने गलत आरोप लगाकर उसे बर्खास्त कर दिया। विभूति खंड एसओ दिनेश दुबे ने बताया कि एमडी सहित निगम के अन्य कर्मचारियों से जल्द पूछताछ की जाएगी।
एमडी विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह ने एफआईआर में लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि महिला के खिलाफ काफी शिकायतें मिली थीं, इसी के बाद उसे बर्खास्त किया गया था।
उसने निगम के बोर्ड में भी अपील की थी, जहां से फैसला उसके खिलाफ आया है। उसने दबाव बनाने के लिए ही एफआईआर दर्ज कराई है। जांच में सच सामने आ जाएगा।