गोमतीनगर निवासी आईएएस अधिकारी ने पति पर प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कराया है। गोमतीनगर थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया कि पति ने उन्हें मारापीटा और फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपये हड़प लिये। उन्होंने धोखाधड़ी कर संपत्ति अपने नाम कराने का भी आरोप लगाया है। पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक विपिन खंड में आईएएस दंपती रहता है। पति रिटायर हो चुके हैं, जबकि पत्नी की तैनाती अभी महत्वपूर्ण पद पर है। आईएएस पत्नी ने तहरीर में आरोप लगाया कि पति शारीरिक रूप से कमजोर है। इसे छिपाने के लिए उन्हें प्रताड़ित करते हैं। उन्होंने परिवार की इज्जत की खातिर सबकुछ सहा, फिर भी पति उनकी पिटाई करते थे। यहां तक कि दूसरी शादी करने की धमकी देते।
हेराफेरी कर खाते को करा अपने नाम
आरोप है कि रिटायर आईएएस अधिकारी ने 2015 में बिना पत्नी की सहमति के उसके वेतन खाते में हेराफेरी कर अपने नाम कर लिया। उससे जुडे़ सारे दस्तावेज पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड अपने पास रख लिया। इस खाते से उनके पति ने कुछ महिलाओं को भुगतान भी किया। आरोप है कि रिटायर आईएएस ने पत्नी के नाम से फर्जी तरीके से तीन ईमेल आईडी बनाईं, जिनका लिंक उनके वेतन खाते से कर दिया था। वह फर्जी तरीके से लेनदेन करते रहे। पति ने जालसाजी कर फर्जी दस्तख्त बनाकर पैनकार्ड भी आवेदन कर दिया। एलआईसी पेपर में भी हेराफेरी का आरोप लगाया है।
लाखों रुपये का किया गोलमाल
महिला ने आरोप लगाया कि पति ने खाते से फर्जी ईमेल आईडी के जरिये भाई सेे पांच लाख रुपये भी ले लिए। आरोप है कि संक्रमित होने के बाद महिला अस्पताल में थी। इस दौरान पति ने उनके खाते से 19.50 लाख रुपये का गबन कर लिया। इनमें से 13.10 लाख अपने नाम से शेयर मार्केट में लगाए। बचा पैसा म्युचल फंड में लगाया। इसके लिए उनकी अनुमति नहीं ली। आरोप है कि जांच में ब्लैक फंगस की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसे भी पति ने छिपाने का प्रयास किया, ताकि समय से इलाज न हो सके।
लोन पर ली गई संपत्ति में बने हिस्सेदार
महिला ने शिकायत में कहा कि बचत व आय से उसने तीन संपत्तियां खरीदी थीं। कुछ बैंक का लोन भी कराया था। इन संपत्तियों पर अपना नाम चढ़ाने के लिए पति ने साजिश रची। गलत वित्तीय तथ्य दिखाकर जबरदस्ती अपना नाम संपत्ति पर चढ़वा कर संयुक्त मालिक बन गए।