थाने से जबरन तलाक दिलाए जाने और अब पत्नी की दूसरी शादी से आहत युवक ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से इच्छामृत्यु मांगी है।
युवक का आरोप है कि सआदतगंज थाने में दरोगा ने हड़काकर उसका तलाक करा दिया। युवक ने पत्नी को वापस पाने के लिए फेमिली कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है।
इसके बाद भी युवती के परिवारवालों ने उसकी दूसरी शादी करा दी।
आजादनगर निवासी सुनील आर्य का विवाह सआदतगंज निवासी युवती कल्पना (बदला हुआ नाम) के साथ हुआ। आर्य समाज मंदिर में शादी के बाद उन्होंने उपनिबंधक लखनऊ के यहां पंजीकरण भी कराया।
युवक का कहना है कि युवती के परिवार के साथ मिलकर एसआई पुत्तन खान ने डरा-धमकाकर 100 रुपये केस्टांप पर सुलहनामा और संबंध विच्छेद करा दिया। शादी संबंधी कागज भी थाने में जला दिए गए।
सुनील ने डुप्लीकेट कॉपी निकलवाकर फेमिली कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया। 17 अक्तूबर को एसएसपी गाजियाबाद से सुनील को सूचना मिली कि परिवारवालों ने कल्पना की दूसरी शादी करा दी है।
इससे सुनील के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद उसने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु दिए जाने की मांग की है।
सुनील के वकील मनोज त्रिपाठी का कहना है कि बिना फेमिली कोर्ट से तलाक हुए दूसरी शादी अवैध है।
पुलिस ने जिस तरह से संबंध विच्छेद कराया, वह भी गलत है। यह मामला पहले से ही कोर्ट में विचाराधीन है। इसे माननीय न्यायालय के सम्मुख अब रखा जा रहा है।