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पुलिस को मिला प्रेमिका का पत्र, 24 घंटे में 80 कॉल करने के बाद सिपाही ने लगा ली फांसी

Wed, 03 Jan 2018 10:57 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सिपाही राम प्रकाश वर्मा - फोटो : amar ujala
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मोहनलालगंज में प्रेमिका से फोन पर झगडे़ के बाद 23 वर्षीय सिपाही राम प्रकाश वर्मा ने फंदे से लटककर जान दे दी। मरने से पहले उसने चार घंटे तक प्रेमिका से बातचीत की। दोनों में कई बार झगड़ा हुआ। सिपाही ने जान देने की बात कही तो प्रेमिका ने उसे समझाया। बोली, सो जाओ। मन शांत हो जाएगा। इस पर नाराज सिपाही ने फोन काट दिया और फंदे से झूल गया।

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मंगलवार सुबह कमरे के पास स्थित पुराने कुएं के एंगल पर उसका शव लटकते देख हड़कंप मच गया। सिपाही की जेब से प्रेमिका की फोटो व प्रेमपत्र मिला है। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि सिपाही का मोबाइल कब्जे में लिया गया है। मूलरूप से प्रतापगढ़ के नौबस्ता जेठवारा गांव का राम प्रकाश मोहनलालगंज तहसील स्थित उपकोषागार में तैनात था।

वह तहसील परिसर स्थित आवास में ही रहता था। वह अपने गांव के पड़ोस के गांव में रहने वाली युवती से प्यार करता था। उसे वह बचपन से जानता था। दोनों ने साथ पढ़ाई की थी। राम प्रकाश उससे शादी करना चाहता था पर घरवाले तैयार नहीं थे। इसके बावजूद वह शादी का दबाव बना रहा था, लेकिन युवती इसके लिए तैयार नहीं थी।

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मरने से पहले किया प्रेमिका से किया था झगड़ा

सांकेत‌िक च‌ित्र
सोमवार को दिन में कई बार उसकी प्रेमिका से फोन पर बात हुई। इंस्पेक्टर के मुताबिक राम प्रकाश ने रात आठ बजे प्रेमिका को फोन किया और 11.56 बजे कॉल डिसकनेक्ट की। कॉल रिकॉर्डर में बातचीत सुरक्षित है। पुलिस ने रिकॉर्डिंग सुनी तो पता चला कि मरने से पहले सिपाही ने प्रेमिका से झगड़ा किया था। फोन काटने के बाद राम प्रकाश कमरे में गया और लेट गया। साथी सिपाही रामकिशोर ने खाने के लिए पूछा तो मना कर दिया।

रामकिशोर ने बताया कि राम प्रकाश की नाइट ड्यूटी थी। रात करीब ढाई बजे वह टॉयलेट जाने को पुराने कुएं की तरफ गया तो राम प्रकाश को फंदे से लटका देख होश उड़ गए। उसकी सूचना पर मोहनलालगंज पुलिस पहुंची और शव उतरवाकर परिवारीजनों को बुलवाया।

2015 में किया था जॉइन
इंस्पेक्टर ने बताया कि राम प्रकाश परिवार का लाडला था। उसके पिता लाल बहादुर वर्मा रेलवे से सेवानिवृत्त हैं। परिवार में मां पार्वती के अलावा बड़े भाई राम सेवक, रामजीवन व दो बहनें हैं। राम सेवक दिल्ली व रामजीवन मुंबई में ऑटो चलाते हैं। राम प्रकाश ने वर्ष 2015 में पुलिस की नौकरी जॉइन की थी।

चार दिन से फोन पर ही चिपका रहा

सांकेत‌िक च‌ित्र
कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि राम प्रकाश ने प्रेमिका से सोमवार को 80 बार फोन पर बात की थी। अधिकांश कॉल राम प्रकाश ने ही की थीं। इनमें से कई दो से तीन घंटे की पाई गई हैं। उसके साथ रहने वाले सिपाहियों ने बताया कि चार दिन से राम प्रकाश मोबाइल पर ही चिपका था। अक्सर बातचीत के दौरान वह फफक पड़ता था। साथी सिपाहियों को उसकी प्रेम कहानी के बारे में पता था।

‘हम और आप अलग हैं, कभी एक नहीं हो सकते’
राम प्रकाश के कपड़ों की तलाशी में पुलिस को उसकी प्रेमिका का लिखा प्रेमपत्र मिला है। तारीख न होने से पता नहीं चल पा रहा कि यह कब का है। इसमें लिखा है, आरपी वर्मा जी..... काश आपसे प्यार का इज़हार न किया होता तो इतनी बेचैनी न होती। न ही बिछड़ने का दुख होता।

आप तो जानते हैं कि हम और आप अलग हैं और कभी एक नहीं हो सकते। आप अच्छे इंसान हैं फिर भी हम आपके प्यार के काबिल नहीं हैं क्योंकि हम आपके प्यार को निभा नहीं पाएंगे। आप हमें भूलने की कोशिश कीजिएगा। हम भी कोशिश करेंगे। आई लव यू आरपी वर्मा एंड मिस यू। पुलिस का मानना है कि प्रेमिका सिपाही को प्यार तो करती थी पर किसी वजह से उससे शादी नहीं करना चाहती थी। शायद दोनों के बीच इसी बात को लेकर झगड़ा चल रहा था।
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शादी की हो रही थी बातचीत, मचा कोहराम

- फोटो : amar ujala
राम प्रकाश के परिवारीजन उसकी शादी की तैयारी कर रहे थे। घर पर कई रिश्ते आए थे। परिवारवाले उस पर शादी का दबाव बना रहे थे, लेकिन वह प्रेमिका के साथ ही जीवन बिताना चाहता था। घरवाले उससे लड़की देखने को कहते तो वह किसी न किसी बहाने से टाल देता।

राम प्रकाश की प्रेमिका के परिवारीजन भी उसके लिए रिश्ता ढूंढ रहे थे। राम प्रकाश प्रेमिका की शादी तय होने से पहले ही उससे विवाह करना चाहता था। उसकी मौत की खबर से परिवारीजनों में रोना-पीटना मच गया।
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