रेलवे की पटरी की चोरी के मामले में आखिरकार एनई रेलवे मजदूर यूनियन के प्रभावशाली नेता जीबी सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज हो गया। जीबी सिंह रेलवे पर इस मामले से अपना नाम हटवाने का दबाव डाल रहा था।
रविवार को वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त सारिका मोहन के आदेश पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट लखनऊ सिटी में जीबी सिंह के खिलाफ चोरी का षड़यंत्र रचने के आरोप में सह अभियुक्त बनाते हुए आरपीयूपी की धारा-4 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरपीएफ जल्द ही जीबी सिंह की गिरफ्तारी भी कर सकती है। लखनऊ सिटी प्रभारी आरके गुप्ता ने मोहान रोड पर ट्रक में लदी 20 टन रेलवे की पटरियां बरामद की थीं।
जांच में पता चला था कि यह पटरियां सेक्शन इंजीनियर नौशाद के कहने पर इटौंजा और बख्शी का तालाब गोदाम से चुराई गई थीं। इस मामले में ट्राली मैन चंद्रिका प्रसाद को भी गिरफ्तार किया गया था।
बाद में सेक्शन इंजीनियर नौशाद और ट्रक का मालिक व चालक भी पकड़ा गया था। मीटर गेज की इन पटरियों को गलाने के लिए कानपुर की एक फैक्ट्री में ले जाया जा रहा था।
इस मामले में पिछले दिनों मान्यता हासिल करने वाली एनई रेलवे मजदूर यूनियन के मंडल अध्यक्ष जीबी सिंह का नाम भी सामने आया था। जीबी सिंह लगातार इस जांच से बच रहा था।
इधर रेलवे ने स्टोर से निकले सामान की जांच भी शुरू कर दी है। मामले में जीबी सिंह को भी सह अभियुक्त बनाया गया है। उन पर पटरियां चोरी कराने का षडयंत्र रचने का आरोप लगाया गया है।
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त सारिका मोहन का कहना है कि मामला बहुत बड़ा है। जांच में जीबी सिंह की संलिप्तता पायी गई है। स्टोर की जांच कराई जा रही है, संभावना है कि शायद यहां से कई गुना पटरियां चोरी की गई हैं।