यूपी एसटीएफ व जिलों की पुलिस ने शनिवार को प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी)-2021 परीक्षा में नकल माफिया की सेंध की कोशिश को नाकाम करते हुए 18 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें सबसे ज्यादा प्रयागराज से 7, अंबेडकरनगर 6, जौनपुर, कौशांबी 2-2 व आजमगढ़ से एक को दबोचा गया।
एसटीएफ के एसएसपी हेमराज मीणा ने बताया कि प्रयागराज से सॉल्वर गैंग के धर्मेंद्र कुमार उर्फ डीके, आशीष पटेल, संजय पटेल, सुभाष सिंह पटेल, मनीष पटेल, राहुल कन्नौजिया व दिनेश पटेल को पकड़ा गया। धर्मेंद्र, आशीष व संजय गैंग के सरगना बताए गए हैं। पूछताछ में पता चला कि 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा में धांधली का मास्टरमाइंड केएल पटेल व उत्तराखंड में तैनात एजी ऑफिस का ऑडीटर अमित वर्मा इनके साथी हैं। दोनों ने ही गैंग को टीजीटी परीक्षा की उत्तरकुंजी देने का वादा किया था।
अंबेडकरनगर के जलालपुर में टीजीटी के कला विषय का पर्चा लीक होने की सूचना के आधार पर एसटीएफ ने सौरभ यादव, मुकेश कुमार, प्रवेश, प्रेमचंद्र यादव, सचिन यादव व रवींद्र यादव को गिरफ्तार किया। इनके फोन से आंसर-की बरामद हुई। एसटीएफ ने कहा कि जांच में प्रश्नपत्र के लीक होने का मामला नहीं पाया, लेकिन आंसर-की बरामद हुई है। इसकी जांच जारी है। जौनपुर में एक महिला परीक्षार्थी कान में ब्लूटूथ के साथ पकड़ी गई और एक अन्य परीक्षार्थी हल किए हुए 125 सवालों के उत्तर के साथ। इसी तरह कौशांबी में दो और आजमगढ़ में एक परीक्षार्थी को नकल करते पकड़ा गया।
वहीं, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक नवल किशोर ने बताया कि पहली पाली में हुई परीक्षा की फर्जी उत्तर माला को बोर्ड की छवि को धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया वायरल किया गया। जांच में यह फर्जी पाया गया।