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डबल लूट के बावजूद बिना स्कॉर्ट गई लखनऊ मेल

Thu, 24 Apr 2014 09:36 AM IST
निशांत यादव/अमर उजाला, लखनऊ
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देश की वीआईपी ट्रेनों में शुमार जिस लखनऊ मेल में एक ही स्टेशन पर दो बार डकैती पड़ी उसे मंगलवार रात फिर बिना एस्कॉर्ट के ही रवाना कर दिया गया।
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रेलवे ने अपने मुख्य रेल सुरक्षा आयुक्त हरानंद और एडीजी जीआरपी वीरेंद्र सिंह का आदेश तक नहीं माना।
 
लखनऊ मेल में मुरादाबाद रेल मंडल के पांच जवानों की तैनाती एस्कॉर्ट में रहती है।

पिछले कई दिनों से इस एस्कॉर्ट को आरपीएफ ने हटा लिया था। इसकी सूचना नियमानुसार जीआरपी को दी जानी चाहिए थी लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

बिना सूचना के एस्कॉर्ट के हटने के कुछ दिन बाद ही सोमवार देर रात अप व डाउन दिशा की लखनऊ मेल में डकैती की घटनाएं हो गईं।

मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य रेल सुरक्षा आयुक्त हरानंद ने मंगलवार सुबह ही लखनऊ मेल में एस्कॉर्ट बहाल करने के आदेश दिए थे।

मंगलवार रात 10:10 बजे ट्रेन नई दिल्ली के लिए रवाना हुई लेकिन बिना एस्कॉर्ट के। ट्रेन के डरे सहमे हुए सैकड़ों यात्री बरेली से गाजियाबाद के बीच जागकर सफर करते रहे।

बोगी एस-5 में सफर कर रहे हरीश ने बताया कि पूरी ट्रेन में लोग रात भर मुरादाबाद में हुई डकैती की चर्चाएं करते रहें।

बोगियों को भीतर से बंद कर दिया गया था जबकि  महिलाओं ने अपने जेवर उतारकर रख दिए।

उधर मंगलवार रात जीआरपी एस्कॉर्ट के न जाने पर नाराजगी जताते हुए एडीजी जीआरपी वीरेंद्र सिंह ने दोबारा हरानंद से बात की। हरानंद ने बुधवार रात से एस्कॉर्ट की उपलब्धता कराने के आदेश दिए हैं।
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भगवान भरोसे हजारों यात्रियों की सुरक्षा
वीआईपी ट्रेन लखनऊ मेल में दो बार डकैती की घटना ने रेलवे अधिकारियों के दावों की पोल खोलकर रख दी। लखनऊ मेल में ज्यादातर वीआईपी यात्री सफर करते हैं, जिन्हें भारी सुरक्षा मुहैया कराई जाती है।

कुछ वीआईपी यात्री तो अपने साथ दर्जनों गनर लेकर चलते हैं लेकिन लखनऊ मेल जैसी ट्रेन के भीतर उनकी सुरक्षा भगवान भरोसे ही है।

लखनऊ मेल में डकैती की घटना के दौरान उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के अध्यक्ष मुन्नवर राना को भी चोट आई थी।

उसके बावजूद मंगलवार को ट्रेन को बिना एस्कॉर्ट के रवाना कर दिया गया।
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