आलीशान मकान के मेन गेट पर ताला लटकाना छोड़ दें, चोरियां बंद हो जाएंगी। विकासनगर क्षेत्र में सोमवार को चोरी के माल समेत गिरफ्तार बदमाश ने पुलिस को अपराध नियंत्रण और सुरक्षा को लेकर कुछ ऐसे ही टिप्स दे डाले।
इतना ही नहीं चोरी के धंधे में घाटे का भी राज खोला। विकासनगर थाने के एसएसआई धर्मेंद्र शुक्ला ने एसआई शैलेंद्र सिंह व कांस्टेबल रवि कुमार दीक्षित के साथ बालूमंडी के पास से अमीनाबाद के झंडे वाला पार्क के पास रहने वाले रंजीत उर्फ बिहारी को गिरफ्तार किया।
रंजीत ने बताया कि दिन में रैकी कर ऐसे घरों को चिह्नित करता था जिन के गेट पर ताला लटका हो। ताले पर लगी धूल बताती थी कि कितने दिन से मकान बंद है?
मकान देखकर माल का अंदाजा लगाया जाता। जिन घरों के मेनगेट पर इंटरलॉक होता है, वहां की स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता।
आरोपी के पास से सोने की दो चेन, चार जोड़ी बाली, दो अंगूठी, 15 जोड़ी पायल, 22 चांदी के सिक्के, चांदी के बर्तन, गैस सिलेंडर व दस कीमती टोटियां मिलीं।
आलीशान घरों में खतरा कम माल ज्यादा
कड़ाई से पूछताछ में रंजीत ने चोरी की दर्जन भर वारदात कुबूलीं। इनमें गोमतीनगर क्षेत्र की सात, गाजीपुर थाना क्षेत्र की दो, विकासनगर, तालकटोरा व इंदिरानगर थाना क्षेत्र की एक-एक वारदात है।
पुलिस ने बिहार के सीतामढ़ी के मूलनिवासी रंजीत से गिरोह के अन्य बदमाशों व चोरी का माल खरीदने वालों के बारे में पूछताछ की तो उसने पुलिस को टिप्स देने शुरू कर दिए।
रंजीत ने चोरी की दर्जन भर वारदातें कुबूलीं, इनमें सात गोमतीनगर की थी। खुलासा किया कि गोमतीनगर के आलीशान घरों में मोटा माल हाथ लगता है और खतरा भी कम है।
दरअसल, वहां के लोग खुद में मस्त रहते हैं। आसपास के घरों पर ध्यान नहीं देते। ऐसे में वारदात अंजाम देकर आसानी से भाग लेता था।
रंजीत ने चोरी के धंधे में घाटे का भी राग अलापा। बोला कि एटीएम सिस्टम शुरू होने से लोग अपनी जरूरत भर के ही पैसे घर में रखते हैं।
कम ही घरों में मोटा कैश हाथ लगता है। गहने भी लॉकर में रखने का रिवाज चल गया है। आमतौर पर घरों में चांदी के बर्तन, सिक्के, रोजमर्रा पहने जाने वाले गहने ही मिलते हैं। बड़ा कीमती सामान या इलेक्ट्रानिक्स उपकरण चुराने में पकड़े जाने का खतरा रहता है।