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दूध में मिलावट करने वाले दो आरोपियों को जेल

Tue, 06 May 2014 09:50 AM IST
ज्ञान सक्सेना/अमर उजाला, लखनऊ
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दूध में मिलावटखोरी के दो आरोपियों को एसीजीएम कोर्ट ने पीएफए एक्ट के तहत दोषी मानते हुए एक साल की जेल के साथ एक-एक हजार का जुर्माना भरने की सजा सुनाई।
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इसमें एक मामला 24 साल से तो दूसरा 15 साल से एसीजीएम कोर्ट में लंबित चल रहा था।

वर्ष 1989 में स्वास्थ्य विभाग के अधीन संचालित कार्रवाई के तहत भगत पुरवा अचरामऊ बीकेटी ब्लॉक निवासी ओम प्रकाश गुप्ता के यहां जांच के दौरान भरे गए नमूने की रिपोर्ट में मिलावट उजागर हुई थी।

उस वक्त क्रियाशील पीएफए एक्ट के तहत संबंधित फूड निरीक्षकों ने इस मामले का वाद एसीजीएम कोर्ट में दर्ज कराया था।

24 साल तक चली इस मामले की सुनवाई के बाद एसीजीएम रविकांत रस्तोगी ने मामले का निपटारा किया है।

आरोपी ओम प्रकाश गुप्ता को दूध में मिलावट करने का दोषी मानते हुए एक साल की जेल व एक हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई है।

एसीजीएम कोर्ट ने इसके साथ ही वर्ष 1999 में दर्ज हुए दूध में मिलावट के एक अन्य वाद का निस्तारण किया।

सीतापुर रोड मड़ियाव निवासी मुन्ना लाल यादव को भी लैब रिपोर्ट के आधार पर दूध में अपमिश्रित सामग्री मिलाने का दोषी मानते हुए एक साल की जेल व एक हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई है।
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मालूम हो कि दूध में मिलावटखोरी के लंबित मामलों को लेकर बीते मार्च माह में ही सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए इससे जुड़े लंबित मामलों का निपटारा किए जाने का निर्देश भी जारी किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार के एफएसडीए विभाग से भी मिलावटी दूध की बिक्री रोकने को की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की थी।
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