हसनगंज क्षेत्र में एक महिला व उसके बहनोई ने सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे किराएदार को गल्ले के व्यापार में दोगुने मुनाफे का झांसा दिया।
युवक ने दोस्तों से उधार लेकर उसे नौ लाख से अधिक रुपये दे डाले। मोटी रकम ऐंठने के बाद महिला के तेवर बदलने लगे।
मुनाफे का तगादा करने पर उसने झगड़ा शुरू किया और बहनोई ने साथियों की मदद से युवक की पिटाई करके सामान सड़क पर फेंक दिया।
पुलिस ने टालमटोल के बाद रिपोर्ट दर्ज करके तहकीकात शुरू की है। पुलिस के मुताबिक, अंबेडकरनगर निवासी मनीष मिश्रा ने साल भर पहले हसनगंज के डालीगंज में विमलेश सिंह के मकान का एक हिस्सा किराए पर लिया।
सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे मनीष ने खर्च चलाने के लिए ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। इस दौरान विमलेश व उसके बहनोई महेंद्र प्रताप सिंह ने मनीष से नजदीकी बन गई।
दोनों ने उसे गल्ले के व्यापार में दोगुने मुनाफे का झांसा दे जाल में फंसाया।
महेंद्र ने 31 जनवरी को मनीष से 49 हजार रुपये अपने खाते में जमा कराए। इसके बाद रकम ऐंठने का सिलसिला शुरू हुआ।
मनीष ने अपने दोस्तों से मोटी रकम उधार लेकर महेंद्र और विमलेश को दे डाली।
मनीष का कहना है कि 9.63 लाख रुपये देने के बाद उसने मुनाफे की रकम का तगादा किया तो महेंद्र और विमलेश ने टालमटोल शुरू कर दी।
इस बीच मनीष के दोस्त प्रीतम सिंह, सुनील यादव आदि अपनी रकम के लिए दबाव बनाने लगे। इस पर महेंद्र ने प्रीतम के खाते में एक लाख रुपये ट्रांसफर किए।
कुछ दिनों बाद मनीष ने रकम व मुनाफे का तगादा किया महेंद्र धमकाने लगा।
मनीष ने एक जून को रकम मांगी तो विमलेश के बेटे राहुल सिंह, बहनोई महेंद्र ने अमीनाबाद निवासी अपने साथी चिंटू उर्फ हसन की मदद से उसकी पिटाई की।
चाकू से हमला करके घायल करने के साथ मनीष का सामान उठाकर सड़क पर फेंक दिया।
ठगी का शिकार बने मनीष ने हसनगंज कोतवाली में शिकायत की। पुलिस ने चार दिन टालमटोल के बाद बृहस्पतिवार को रिपोर्ट दर्ज की है।