एटीएस सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान से चार अलग-अलग हैंडलर यूपी और मध्य प्रदेश के लोगों के संपर्क में थे। हैंडलर को भारत में बैंकिंग में हो रहे बदलाव, आधार से जुड़ रहे खातों और खुफिया एजेंसियों की निगरानी की पूरी जानकारी थी।
हैंडलर यूपी में उसके लिए काम कर रहे प्रतापगढ़ के संजय सरोज और गोरखपुर में बैठे नसीम व अरशद से न सिर्फ ज्यादा फर्जी खातों को खोलने के लिए कहता था, बल्कि बताता था कि आधार कार्ड और फर्जी आईडी तुम लोग मैनेज करो। उमा प्रताप के तीन खातों के बारे में भी जानकारी हुई है। जिनकी डिटेल बैंकों से मांगी गई है।
आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि पूरे घटना क्रम में सैकड़ों बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया है। इन खातों की डिटेल जानकारी के लिए बैंकों की मदद ली जा रही है। पूरी जानकारी पता करने के लिए बैंक के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।