प्रॉपर्टी डीलर सुरेंद्र चौरसिया ने राकेश वाजपेयी नामक व्यक्ति के फ्लैट का सौदा पीजीआई इलाके में डेंटल कॉलेज के पीछे रहने वाले ब्रह्मानंद द्विवेदी की पत्नी मंजुला देवी से किया था। 21.75 लाख रुपये में बात शुरू हुई। सुरेंद्र ने 18 लाख रुपये लेकर अनुबंध कर दिया। कुछ दिनों बाद दोनों पक्षों में विवाद शुरू हुआ।
रजिस्ट्री के लिए तय सीमा गुजरते देख मंजुला ने तगादा किया। सुरेंद्र ने चार लाख रुपये लौटाए। रजिस्ट्री न करने व शेष रकम लौटाने में टालमटोल पर मंजुला देवी ने शुक्रवार को पीजीआई थाने में शिकायत की। इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय ने एचसीपी (एक स्टार के दरोगा) संकटा प्रसाद मौर्या को कार्रवाई के निदेश दिए।
जेल भेजने की धमकी देकर वसूले 30 हजार
सुरेंद्र चौरसिया ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अधिकारियों को बताया कि दरोगा संकटा प्रसाद ने उसे कॉल करके थाने बुलाया। फटकार लगाने के साथ जेल भेजने की धमकी देते हुए हिरासत में ले लिया। इसके बाद रिहाई की डील शुरू की। दरोगा ने 50 हजार रुपये मांगे। इस पर सुरेंद्र ने अपने एक दोस्त को थाने बुलाया।
उससे लेकर 20 हजार रुपये दरोगा संकटा प्रसाद को दिए। दरोगा ने तीन दिन में बकाया रकम न देने पर जेल भेजने की धमकी के साथ छोड़ा। इसके बाद कॉल करके तगादा करने लगा। संकटा प्रसाद ने रविवार को 10 हजार रुपये वसूले। सुरेंद्र ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन में शिकायत की। दरोगा द्वारा रुपये लेने की क्लिप व नोटों की फोटोकॉपी दिखाई। बताया कि शेष 20 हजार के लिए दरोगा कॉल कर रहा है।
ये है नोटों का सीरियल नंबर।
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सुरेंद्र ने अधिकारियों को बताया कि दरोगा संकटा प्रसाद ने उसे चार घंटे हिरासत में रखने के साथ खूब धमकाया। इंस्पेक्टर के नाम पर 50 हजार रुपये मांगे। थाने में रुपये लेकर छोड़ा। अगले दिन फिर कॉल करने पर सुरेंद्र ने उसे 10 हजार रुपये दिए और शेष रकम के लिए दो दिन की मोहलत मांगी। दरोगा संकटा प्रसाद मंगलवार को 20 हजार रुपये वसूलने पहुंचा था लेकिन सुरेंद्र ने उसे 30 हजार दिए। कहा कि 20 हजार इंस्पेक्टर और 10 हजार उसके लिए लाया था।
नौकरी के आखिरी पड़ाव पर जेल
घूस लेते पकड़े गए दरोगा संकटा प्रसाद मौर्या ने सफाई दी कि प्रॉपर्टी डीलर सुरेंद्र ने कम कीमत पर जमीन दिलाने का वादा करके उससे एडवांस लिया था। उसके द्वारा प्लॉट न दिला पाने पर अपनी रकम का तगादा कर रहा था। इस पर उसने 30 हजार रुपये लौटाने की बात कही और उसे भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम से गिरफ्तार करा दिया। सिद्धार्थनगर के मूलनिवासी संकटा प्रसाद मौर्या ने कहा कि उसकी नौकरी का सिर्फ एक हफ्ता शेष है। 28 फरवरी को उसे सेवानिवृत्त होना था।
घर पर रखी थी घूस की रकम
प्रॉपर्टी डीलर सुरेंद्र चौरसिया की शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने दरोगा संकटा प्रसाद मौर्या से पूछताछ की। सुरेंद्र से रविवार को लिए दस हजार रुपये की फोटोकॉपी व नोट के नंबर देखने पर कुबूला कि रकम उसके घर सुरक्षित रखी है। टीम ने उसके आवास पर छापा मारकर 95 सौ रुपये बरामद किए।