राजधानी में लड़कियों से बढ़ती छेड़छाड़ की घटनाओं में गवर्नमेंट आईटीआई कॉलेज का एक नया मामला सामने आया है।
यहां की पांच आईटीआई छात्राओं ने अपने अनुदेशक पर आरोप लगाया है कि मशीन पर प्रशिक्षण के दौरान वह उनके साथ छेड़छाड़ करते हैं।
पिछले हफ्ते छात्राओं ने पुलिस को भी शिकायत की थी, लेकिन इसे दबा दिया गया। शनिवार को संस्थान में इसे लेकर हंगामा हुआ, जिसके बाद प्रिंसीपल ने आरोपों की जांच के लिए निदेशक को लिखा है।
अपनी शिकायत में इन छात्राओं का कहना है कि यहां कार्य कर रहे एक अनुदेशक उनके साथ काफी समय से छेड़छाड़ कर रहे हैं। यह सिलसिला रूटीन का एक हिस्सा हो गया है।
विरोध के बावजूद अनुदेशक की हरकतें बंद नहीं हुईं। छात्राओं ने बताया कि 28 जुलाई को डायल 100 पर शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उलटे पुलिस और संस्थान प्रशासन उन्हें ही चुप रहने की सलाह देने लगा।
शनिवार को मामला और बढ़ गया, अनुदेशक के साथ इनमें से कुछ पीड़ित छात्राओं की बहस हो गई। छात्राओं का आरोप है कि अनुदेशक की हरकतों के खिलाफ उनकी शिकायत और इस पर कार्रवाई नहीं होने से विवाद बढ़ा, जिस दौरान अनुदेशक ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कार्रवाई हुई होती तो मामला इस तरह नहीं बिगड़ता।
प्रिंसिपल खुद क्यों नहीं कराई जांच
संस्थान का प्रमुख होने के नाते मामले की जांच प्रिंसिपल सत्यकांत खुद करवा सकते थे। लेकिन उन्होंने इसके लिए निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन को पत्र भेजा है। उनका कहना है कि छात्राओं ने जो शिकायतें की हैं, वे बेहद गंभीर किस्म की हैं। निदेशालय को जांच के लिए लिखा गया है। फिलहाल संस्थान के स्तर पर भी जांच करवाने पर विचार चल रहा है।
छह महीने में रिटायर हो रहे अनुदेशक
जिन अनुदेशक पर इस छेड़छाड़ प्रकरण में छात्राओं ने आरोप लगाए हैं, उनके बारे में बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से संस्थान में कार्यरत हैं। लगभग छह महीने बाद उनका रिटायरमेंट होना है। ऐसे में संस्थान भी मामले में संवेदनशीलता बरत रहा है।