न जाने युवाओं की मानसिक स्थिति कैसी हो गई है कि खेलने-कूदने की उम्र में ही जान दे रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों में पांचवीं-छठी से लेकर ग्रेजुएशन तक के कई बच्चे जान दे चुके हैं। ज्यादातर मामलों में कारण बेहद मामूली सामने आए।
यहां तक कि माता-पिता की डांट तक बच्चों को नागवार गुजर रही है।
यकीन नहीं होता जिस देश में माता-पिता को भगवान से भी बढ़कर दर्जा दिया गया है, वहां बच्चे उनके निर्देश तक मानने में तौहीन महसूस करते हैं।
गाजीपुर क्षेत्र में सोमवार रात एक आठवीं क्लास की छात्रा ने फंदे से लटककर जान दे दी।
मां ने दरवाजा न खुलने पर खिड़की से झांककर देखा तो वह लटकी मिली। आननफानन में घरवाले उसको लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचे।
जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटना की जानकारी होने से इंकार किया है। छात्रा के सुइसाइड की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।