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दो लाख में हुई थी इलाहाबाद में वकील की हत्या, एसटीएफ ने किया वजह का खुलासा

Fri, 25 May 2018 10:01 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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हत्या के बाद हुई थी इलाहाबाद में हिंसा (फाइल फोटो)
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एसटीएफ ने इलाहाबाद में वकील राजेश श्रीवास्तव के सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। एसटीएफ टीम ने वारदात को अंजाम देने वाले प्रतापगढ़ के दो शूटरों समेत तीन को गिरफ्तार किया है।

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इनके नाम शमशाद, रईस और विशाल विश्वकर्मा हैं। उनके पास से हत्या में प्रयुक्त दो असहलों के साथ ही चोरी की वह मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई है, जिससे वकील की हत्या की गई थी।

राजेश की हत्या जमीन के विवाद में शहर के होटल क्रॉउन प्लाजा के मालिक प्रदीप जायसवाल ने सुपारी देकर कराई थी। प्रदीप को इलाहाबाद पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। हत्या के बदले शूटरों को दो लाख देने का सौदा तय किया गया था। जबकि, एक लाख बतौर पुरस्कार देने की भी बात हुई थी।
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वारदात का पर्दाफाश करते हुए अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था आनंद कुमार, आईजी एसटीएफ अमिताभ यश व एसएसपी अभिषेक सिंह ने पत्रकारों को यह जानकारी दी।

एडीजी ने बताया कि राजेश की हत्या के बाद हुए बवाल को देखते हुए हत्यारों को पकड़ने के लिए एसटीएफ को लगाया गया था। फील्ड यूनिट वाराणसी के एएसपी एस आनंद के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी।

टीम में शामिल पुलिस उपाधीक्षक विनोद कुमार सिंह, निरीक्षक विपिन राय, शैलेष प्रताप सिंह व पुनीत परिहार ने वारदात का पर्दाफाश कर हत्या में शामिल तीनों अपराधियों को बृहस्पतिवार की रात धर दबोचा। 

एडीजी ने बताया कि जांच में पुलिस को पता चला कि प्रदीप ने होटल क्रॉउन प्लाजा का निर्माण सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाया था और उसका कुछ हिस्सा नाले पर भी था। इस मामले में राजेश पैरवी कर रहे थे।

इससे प्रदीप को आशंका थी कहीं उसके होटल को गिरा न दिया जाए। इसलिए प्रदीप ने अपने मित्र डीजे संचालक घनश्याम अग्रहरी के साथ मिलकर राजेश की हत्या का प्लान तैयार किया था। साथ ही, हत्या के लिए घनश्याम ने ही प्रतापगढ़ के शातिर अपराधी अंजनी लाल श्रीवास्तव उर्फ भैयाजी से मिलवाया था।

फिर, अंजनी ने घनश्याम को प्रतापगढ़ के शमशाद से मिलवाया था और शमशाद केजरिये ही शूटर मोहम्मद रईस व विशाल विश्वकर्मी को दो लाख लाख में राजेश की हत्या की सुपारी दी गई थी। शूटरों ने लगातार दो दिन प्रयास किए थे, लेकिन सफलता तीसरे दिन मिली।

इस मामले शमशाद ने हत्या की रूपरेखा बनाई थी। उसके मुताबिक  10 मई को रईस मोटरसाइकिल चला रहा था और पीछे बैठे विशाल ने राजेश के सिर में गोली मारी थी।

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हत्या के बाद नपे थे एसएसपी

वारदात के बाद इलाहाबाद में भड़की हिंसा की पहली गाज वहां के एसएसपी अशोक कुलहरि पर गिरी थी। उन्हें तत्काल वहां हटा दिया गया था। जबकि, वारदात के विरोध में  प्रदेशभर के वकील हड़ताल पर चल गए थे। 

एसटीएफ टीम को मिलेगा प्रशस्ति पत्र
एडीजी ने बताया कि हत्याकांड का खुलासा करने के लिए डीजीपी ने  एसटीएफ टीम को पुरस्कृत करने और प्रशस्ति पत्र देने का निर्णय किया है। 
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