दर्शन के लिए अयोध्या आए गिरडीह, झारखंड के एक श्रद्धालु की किसी ने 28 दिसंबर की रात दोनों आंखें निकाल मरणासन्न हाल में छोड़ दिया। 24 घंटे से भी ज्यादा वक्त तक पीड़ित लावारिस तड़पता रहा। किसी ने 100 नंबर पर फोन किया तो उसे 108 एंबुलेंस ने बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
दूसरे दिन अपने को पीड़ित का जीजा बताने वाला व्यक्ति उसे रेफर करा कर साथ ले गया। गिरडीह के सांसद ने फैजाबाद सांसद लल्लू सिंह को फोन पर घटना की जानकारी दी तब मामला सामने आया। मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक केबी सिंह ने रायगंज चौकी प्रभारी को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है।
साथ ही अयोध्या कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई। क्राइम ब्रांच की टीम मामले की छानबीन के लिए गिरडीह रवाना हो गई है। 29 दिसंबर रात साढ़े 12 बजे किसी ने 100 नंबर पर फोन कर अयोध्या रेलवे स्टेशन के पास 35 वर्षीय युवक के बेहोश होने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने 108 एंबुलेंस भेजी।
जीजा ने आकर ली सुध
पीड़ित युवक को रात 12 बजकर 50 मिनट पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। 30 दिसंबर की सुबह चिकित्सक ने जांच की तो पता चला कि उसकी दोनों आंखें निकाल ली गई हैं। युवक के फोन से परिवारीजनों को सूचना दी गई।
लगभग 10 बजे खुद को युवक का जीजा बताने वाला एक व्यक्ति जिला अस्पताल पहुंचा और उसे रेफर करा कर ले गया। पीड़ित श्रद्धालु के जीजा ने उसका नाम कृष्णदेव वर्मा पुत्र दंतमहतो वर्मा निवासी विरमी ब्लॉक के झार गांव जिला गिरडीह, झारखंड बताया।
जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि श्रद्धालु को यहां बेहोशी की हालत में भर्ती कराया गया था। जांच में पता चला कि उसकी दोनों आंखें निकाल ली गई हैं। उसके जीजा ने इलाज के लिए उसे रेफर कराया है। वहीं शनिवार को एसएसपी ने मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में रायगंज चौकी प्रभारी सुनील कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। श्री सिंह के मुताबिक जांच टीम को झारखंड के गिरडीह पीड़ित के घर के लिए रवाना कर दिया गया है। एसएसपी ने बताया कि कृष्णदेव के जीजा उसे रेफर कराने के बाद गिरडीह ले गए हैं।