महिला सिपाही से अभद्रता के मामले में एसओ पंकज कुमार सिंह को आखिरकार हटा दिया गया। एसएसपी ने विभूतिखंड से हटाकर क्राइम ब्रांच भेज दिया है।
सिपाही ने मंगलवार को एसओ को पद से हटाए जाने के बाद ही बयान देने की बात कही थी।
पुलिस लाइन में तैनात दरोगा देवेंद्र दुबे को विभूतिखंड का एसओ बनाया गया है। इसके साथ ही थाने जा रहे युवक की हत्या के मामले में लापरवाही उजागर होने पर एसओ जानकीपुरम को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
इंस्पेक्टर राम विशाल यादव को जानकीपुरम का थानेदार बनाया गया है।
अश्लील क्लिप दिखाने का मामला चार जनवरी को तब चर्चा में आया जब महिला सिपाही ने फेसबुक पर दर्द बयां किया। इसमें उसने एसओ पर गंभीर आरोप लगाने के साथ ही मामले की जानकारी के बावजूद अधिकारियों के चुप रहने पर सवाल खड़े किए थे।
हालांकि उल्टे पीड़ित के खिलाफ ही जांच शुरू कर दी गई। इस मामले की रिपोर्ट खोलने से पहले ही एसएसपी रवींद्र गौड का तबादला हो गया। नए एसएसपी प्रवीण कुमार के चार्ज संभालते ही पीड़ित ने मिलकर व्यथा सुनाई।
सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद एसओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। हालांकि क्राइम ब्रांच में तैनाती को लेकर कहा जा रहा है कि एक बड़े अधिकारी का करीबी होने के चलते दरोगा को लाइन हाजिर नहीं किया गया।
शिकायत लेकर जानकीपुरम थाने जा रहे राजकुमार की हत्या के मामले में एसओ की लापरवाही सामने आई थी। एसएसपी के अनुसार राजकुमार के परिवार का कहना है कि जमीन विवाद को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसे लेकर पुलिस से शिकायत भी की गई।
बावजूद इसके ध्यान नहीं दिया गया और उसे जान से हाथ धोना पड़ा। मामले की जांच सीओ अलीगंज अखिलेश नारायन को सौंपी गई थी।
आरोप सही पाए जाने पर एसओ जानकीपुरम अमित कुमार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। इंस्पेक्टर राम विशाल यादव पारा में मवेशियों की हत्या के मामले में लाइन हाजिर किए गए थे।