एसटीएफ की मेरठ इकाई ने रेलवे में ग्रुप-डी के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड आयोजित परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इसमें गिरोह के मुख्य सरगना सुंदर चौधरी समेत 7 को गिरफ्तार किया गया है।
सभी की गिरफ्तारी शुक्रवार को मेरठ शहर के सिविल लाइन क्षेत्र से हुई है। गिरोह के पास से काफी संख्या में आधारकार्ड, प्रवेश पत्र, मोबाइल, डीआरडीओ का आईकार्ड व कैंटीन कार्ड, निवास व जाति प्रमाण पत्र, मार्क्सशीट, कई बैंकों के खाली चेकबुक, पैनकार्ड केअलावा 30 हजार रुपये नगद और दो लग्जरी कारें बरामद हुई हैं।
एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि पिछले 15 दिनों से रेलवे भर्ती बोर्ड के ग्रुप-डी के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाएं हो रही हैं। पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में सॉल्वर बिठाकर परीक्षा दिलाने की सूचनाएं आ रही थीं। इसी बीच सूचना मिली कि एफआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित होने वाली परीक्षा में भी सॉल्वर को बिठाया जा रहा है।
टीम ने वहां पहुंचकर राममेहर नाम केशख्स को धर दबोचा। वह बागपत जिले के बड़ौत थाना के लोहारी गांव का रहने वाला है। राममेहर ने बताया कि परीक्षा में अभ्यर्थी पंकज सिंह केस्थान पर मथुरा के नौझील थाना क्षेत्र के अभयपुरा का रहने वाला सॉल्वर अभय चौधरी परीक्षा दे रहा है। उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। एसटीएफ ने मेरठ के थाना मवाना क्षेत्र के खेड़ी मनिहार के अमित कुमार, जंधेड़ी के राज सिंह, इचौली थाना क्षेत्र के गाजीपुर के शिवकांत यादव और मथुरा के थाना नौझील क्षेत्र के वाजना के रहने वाले आकाश को धर दबोचा।
अभय ने कुबूला कि इस गिरोह का सरगना सुंदर चौधरी है, जो मथुरा के ही थाना नौझील के मढुआका का रहने वाला है। सुंदर एक अभ्यर्थी से एक लाख रुपये लेता है, जिसमें से 25 हजार रुपये वह सॉल्वर को देता है। उसने बताया कि इससे पहले भी वह 15 परीक्षार्थियों की परीक्षा दे चुका है। अप्रैल-2017 में भी नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में परीक्षा देते समय उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।