गाजीपुर थाने की पुलिस ने एक जालसाज को गिरफ्तार करके सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।
गिरोह ने गोमतीनगर इलाके में ऑफिस खोला और इश्तहार छपवाकर बेरोजगारों को ठग रहा था। अफसर बनकर रकम लेने निकले जालसाज की गिरफ्तारी की भनक लगते ही मास्टर माइंड व उसकी सहयोगी युवती के साथ ऑफिस बंद करके फरार हो गए।
दोनों की तलाश जारी है। एसओ गाजीपुर आलोकमणि त्रिपाठी ने बताया कि गोरखपुर के झुगिया बाजार निवासी अजयमणि त्रिपाठी की शिकायत पर पुलिस टीम ने पॉलीटेक्निक चौराहे पर घेराबंदी की और कृषि विभाग में बैचलर ट्रेनर के पद पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर अजय से 50 हजार रुपये ले रहे नंदकिशोर यादव को गिरफ्तार कर लिया।
उसकी सहयोगी सोनी गुप्ता मौके से भाग निकली। सीतापुर के रामकोट थाने के गांव मधवापुर निवासी नंदकिशोर ने कुबूला कि उसका बॉस हर्ष पांडेय है।
बंटी और बबली ऐसे करते थे खेल
जालसाजों ने खोला था शानदार ऑफिस
- फोटो : Demo
उसने विराट खंड में रामा इंफ्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड नाम से ऑफिस खोल रखा है और अपनी सहयोगी सोनी गुप्ता की मदद से बेरोजगारों से फोन पर बात कराकर ठगी का शिकार बनाता है। पुलिस ने आननफानन में विराट खंड स्थित ऑफिस पर दबिश दी। इस बीच हर्ष पांडेय ऑफिस पर ताला लगाकर भाग निकला।
मास्टर माइंड हर्ष पांडेय ने शानदार ऑफिस खोला और कृषि विभाग में बैचलर ट्रेनर व डिवीजनल ऑपरेटिंग मैनेजर की नौकरी का इश्तहार छपवाया। कॉल करने वाले बेरोजगारों से सोनी गुप्ता की बात कराता था। झांसे में आए व्यक्ति से रकम ऐंठकर उसे फर्जी नियुक्तिपत्र थमाते थे।
अजयमणि त्रिपाठी ने पुलिस को बताया कि इश्तहार पढ़कर उसने बैचलर ट्रेनर की नौकरी के लिए संपर्क किया था। सोनी गुप्ता ने पात की और ऑफिस बुलाया। एक लाख में नौकरी का सौदा किया। दो किश्तों में 40 हजार रुपये ले लिए।
नियुक्तिपत्र में टालमटोल पर अजय ने कृषि विभाग के अधिकारियों से जानकारी की। फर्जीवाडे़ का पता चलने पर गाजीपुर थाने में शिकायत की। पुलिस के इशारे पर नंदकिशोर को कॉल की। उसने पॉलीटेक्निक चौराहे पर 50 हजार रुपये देकर नियुक्तिपत्र ले जाने की बात कही। किराए की कार से सोनी के साथ पॉलीटेक्निक चौराहे पर पहुंचा। लेनदेन के दौरान पुलिस ने दबोच लिया।