सारा की मां सीमा सिंह सोमवार दोपहर डीजीपी जगमोहन यादव के सामने पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनके बेटे अमनमणि पर बरस पड़ीं। वह बेटी को इंसाफ दिलाने और उसकी मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग लेकर डीजीपी से मिलने गई थीं।
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उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी शुरू से ही सारा व अमनमणि की शादी के विरोध में थे। यही वजह है कि उन्होंने अपनी बहू सारा को रास्ते से हटाने के लिए षड्यंत्र रचा है। अब तक अमनमणि को इस मामले से अलग रखने वाली सीमा ने पहली बार उस पर भी हमला बोला।
उन्होंने कहा कि अमनमणि भी इस षड्यंत्र में शामिल हो सकता है। सीमा सिंह ने कहा कि, ‘मेरी बेटी का मर्डर हुआ है और उसकी मौत को बेकार नहीं जाने दूंगी। लोग भूल जाएं कि अमरमणि त्रिपाठी पॉलीटीशियन हैं और कभी इस समाज के सामने नहीं झुकेंगे। कानून उनको झुकाकर रहेगा।’ उन्होंने कहा कि बेटी की मौत जिस दुर्घटना में हुई है वह अमरमणि और उनके बेटे ने कराई है।
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बकौल सीमा, ‘हो सकता है कि पिता के दबाव में अमनमणि भी सारा की हत्या की साजिश में शामिल हो गया हो।’ सीमा ने डीजीपी को सीबीआई जांच के लिए प्रार्थनापत्र सौंपा। डीजीपी ने प्रार्थनापत्र शासन को भेजने की बात कहते हुए उन्हें सहयोग का आश्वासन दिया है। इस दौरान सीमा सिंह के साथ उनका बेटा सिद्धार्थ और हर्ष भी था।
डीजीपी ने कहा, प्रार्थना पत्र शासन को भेजा जाएगा
मुलाकाल पर डीजीपी जगमोहन यादव ने कहा कि सीमा सिंह सीबीआई जांच की मांग लेकर मिली थीं। उनका प्रार्थनापत्र शासन को भेजा जाएगा। उन्होंने सारा की मौत के पीछे साजिश की आशंका जताते हुए सच सामने लाने की भी मांग की है। हालांकि, उनकी आशंकाएं क्या हैं और वह किन-किन बिंदुओं की जांच कराना चाहती हैं, इस बाबत लिखित रूप में कुछ भी नहीं दिया। सीमा सिंह से अलग से प्रार्थनापत्र मांगा गया है जिससे निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जा सके।
अमनमणि की दहशत में जी रही थी सारा सीमा सिंह ने बताया कि सारा अमनमणि की दहशत में जी रही थी। उसने एक बार फोन पर कहा था कि अमन किसी भी समय कुछ भी कर सकता है। सारा के भाई सिद्धार्थ ने कहा कि अमरमणि और उनकी पत्नी नहीं चाहते थे कि उनके बेटे की सारा से शादी हो। इसके बावजूद अमनमणि बहन के पीछे पड़ा रहा। यहां तक की उसने घर के बाहर पांच राउंड फायरिंग भी की। सारा ने दहशत के चलते ही शादी की थी।
बेटी को पीटने पर दी थी चेतावनी बेटी के साथ मारपीट की शिकायतों को पहले तो सीमा ने नजरअंदाज किया। एक बार वह दिल्ली में थीं तब सारा का फोन आया। पिटाई की जानकारी देते हुए वह रोने लगी तो सीमा को गुस्सा आ गया। उन्होंने बताया कि उसी वक्त अमनमणि को फोन कर चेतावनी दी थी। हालांकि, अमनमणि का रवैया नहीं सुधरा।
गुपचुप आर्य समाज मंदिर में शादी की थी अमन-सारा ने
सीमा ने कहा कि सारा ने करीब दो साल पहले अमनमणि से मुलाकात कराई थी। कुछ महीने बाद उसने पूछा कि अमन शादी के लायक है या नहीं। इस पर सीमा ने अमनमणि के पिता के बारे में पूछा।
जब सीमा को पता चला कि वह पूर्व मंत्री और मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे अमरमणि त्रिपाठी का बेटा है तो उन्होंने किसी पॉलीटीशियन के घर पर शादी करने से मना कर दिया था। इसके बाद सारा और अमन ने गुपचुप अलीगंज के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। सीमा ने कहा कि अगर उन्हें पता होता तो कभी यह शादी न होने देतीं।
डेथ सर्टिफिकेट में अविवाहित दिखाने की कोशिश सारा के डेथ सर्टिफिकेट में किसी शख्स ने उसे अविवाहिता दिखाने की कोशिश की थी। सीमा सिंह ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इसके पीछे भी अमरमणि की कोई साजिश थी, लेकिन समय रहते पता चलने पर उन्होंने डेथ सर्टिफिकेट में अमनमणि का नाम शामिल कराया। सारा के अंतिम संस्कार के वक्त अमरमणि के गुर्गे श्मशान घाट पर मौजूद थे और नजर रखे हुए थे।
सिद्धार्थ का आरोप है कि बहन सारा तलाक चाहती थी। वह जब भी उसे फोन कर प्रताड़ना की जानकारी देती तो सिद्धार्थ रो पड़ता था। उसने कहा कि बहन दो साल से प्रताड़ना बर्दाश्त कर रही थी। उसे दुखी देखकर ही सिद्धार्थ ने तलाक लेने की सलाह दी। हालांकि, जब-जब सारा ने अमनमणि से तलाक की बात की वह कुछ दिन के लिए शांत हो जाता था। सिद्धार्थ ने बताया कि अमनमणि उसकी बहन को मीठी-मीठी बातें करके फुसला देता था।
परिवारीजनों ने मांगे इन सवालों के जवाब - क्या सारा की मौत सड़क हादसे से तीन-चार घंटे पहले हो चुकी थी - अगर हादसा हुआ तो अमनमणि को चोट क्यों नहीं आई - अमनमणि की शर्ट पर खून का निशान नहीं था, उसने पत्नी का शव उठाने की कोशिश क्यों नहीं की
- हादसे के कुछ ही देर बाद गोरखपुर की गाड़ियां फीरोजाबाद कैसे पहुंच गईं - कार में सिर्फ अमनमणि और सारा थे या कुछ और लोग भी थे - हादसे से पहले सारा के शरीर पर तीन चोटें कैसे आईं
- डेढ़ बजे हादसा हुआ और चार बजे अमनमणि के परिवारीजन फीरोजाबाद कैसे पहुंच गए - अमनमणि अंतिम संस्कार में क्यों नहीं आया