जम्मू रेलवे स्टेशन के बाहर मंगल मार्केट स्थित बंदूकों की दुकान शाह आर्मरी से चोरों ने आधा दर्जन बंदूकें चोरी कर ली हैं। एक हजार कारतूस, हथियारों की मरम्मत करने वाली एसेसरी और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी चोर ले उड़े।
चोरी रेलवे पुलिस लाइन और त्रिकुटा नगर पुलिस स्टेशन के नजदीक हुई है। इस घटना से पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। चोरी की जांच-पड़ताल से ज्यादा इस बात की चिंता और मंथन हो रहा है कि बंदूकें किस मकसद से चोरी की गईं।
घटना सोमवार सुबह तड़के की है। पुलिस के आला अधिकारियों ने घटना स्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना किया।
राइफल के साथ ये भी ले गए
दुकान के मालिक सरताज शाह ने बताया कि छह बंदूकें चोरी हुई हैं। सभी 12 बोर की डबल गन हैं। 12 बोर के 680 कारतूस और 315 बोर के 320 कारतूस भी चोरी हुए हैं।
इसके अलावा हथियारों की मरम्मत करने वाली असेसरी में बंदूकों के कवर, कारतूस कवर, फोल्डिंग बट, बंदूकें पैक करने वाले बैग शामिल हैं। कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों के भी चोरी होने की सूचना है।
मौके पर पहुंचे डीआईजी अशकूर वानी, डीएसपी रफीक मन्हास, त्रिकुटा नगर की इंचार्ज एसएचओ मंशा बेग भी पहुंचीं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
एफएसएल की टीम ने मौके से फिंगर प्रिंट और जरूरी सबूत जुटाए हैं। आसपास के दुकानदारों से भी पूछताछ की गई है।
100 मीटर पर पुलिस लाइन, 500 मीटर थाना
अहम बात है कि घटनास्थल से सौ मीटर की दूरी पर रेलवे पुलिस लाइन है। पांच सौ मीटर की दूरी पर त्रिकुटा नगर पुलिस स्टेशन है, जबकि ठीक पास सरस्वती धाम और वैष्णवी धाम हैं।
यहां पर अमरनाथ यात्रियों का पंजीकरण हो रहा है। हर समय पुलिस की चहल-पहल वाली मंगल मार्केट में चोरों ने पुलिस को चौंकाते
हुए घटना को अंजाम दिया है।
एसिड डाल-डाल कर तोड़ा ताला
दुकान के दोनों शटर लगे हुए थे। यहां दोनों तरफ के ताले मिलाकर चार ताले चोरों ने तोड़े। ताले तोड़ने के लिए चोरों ने एसिड का इस्तेमाल किया।
एसिड डाल-डाल कर तालों को गर्म किया गया और तोड़ दिया। शुरुआती जांच में पता चल रहा है कि चोरी तीन से चार चोरों ने की है।
प्लानिंग के साथ हुई है चोरी
दुकान पर चोरी पूरी प्लानिंग के साथ हुई है। कई दिनों से चोर दुकान की रैकी कर रहे थे। दरअसल, पहला शटर उठाते ही दूसरा शटर है।
इसके उठते ही दरवाजे के नीचे हिस्से में दो फुट चौड़ा और दो फुट लंबा छेद है। इसमें से आसानी से अंदर जाया जा सकता है। चोर यहीं से अंदर घुसे और चोरी की।
चोरों को भाता है छह का आंकड़ा
करीब चार साल पहले भी सतवारी में बंदूकों की दुकान से छह बंदूकें ही चोरी हुई थीं। इनका अब तक पता नहीं चल पाया है। इस बार भी ठह बंदूकें ही चुराई गईं।