सीबीआई ने उत्तर रेलवे के लेबर कांट्रैक्टर की शिकायत पर बाराबंकी में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरपीएफ थाने के इंस्पेक्टर और एक सिपाही को 63 हजार रुपये की रिश्वत लेते दबोच लिया। सीबीआई की एंटी करप्शन विंग ने शनिवार देर रात कार्रवाई की और रविवार सुबह दोनों आरोपियों को लेकर लखनऊ आ गई।
नगर कोतवाली क्षेत्र के बंकी कटहली निवासी लेबर कांट्रैक्टर गुफरान अहमद ने दो दिसंबर को लखनऊ में सीबीआई के एंटी करप्शन विंग के एसपी एसके खरे को इस संबंध में शिकायती पत्र दिया था। उसने पत्र के जरिए बताया था कि वह बतौर उत्तर रेलवे के गोदाम पर खाद व सीमेंट के रैक उतरवाने का काम करता है।
आरपीएफ के इंस्पेक्टर अखिलेश यादव हेड कांस्टेबल आशुतोष त्रिपाठी के जरिए नवंबर में उसके द्वारा उतरवाई गई रैक के लिए 63 हजार रुपये मांग रहे हैं। तब एसपी एसके खरे ने दरोगा अविनाश गुप्ता से जांच करवाने के बाद हेड कांस्टेबल आशुतोष के खिलाफ शनिवार को केस दर्ज कराया।
दोनों आरोपी निलंबित
सीओ सिटी आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सीबीआई की एंटी करप्शन विंग की 12 सदस्यीय टीम शनिवार रात नगर कोतवाली आई थी। इसके बाद बाराबंकी रेलवे स्टेशन जाकर दोनों आरोपियों इंस्पेक्टर अखिलेश व सिपाही आशुतोष को 63 हजार रुपये की घूस लेते गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी किए जाने की सूचना के बाद दोनों आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है।