कैसरबाग क्षेत्र में विधानसभा मार्ग पर शनिवार दोपहर पैदल निकले पांच बदमाशों ने बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम बूथ के सामने खड़ी रायटर सेफगार्ड कंपनी की वैन से 1.33 करोड़ रुपये से भरा बॉक्स उड़ाया था। खाली बॉक्स सरोजनीनगर में हाईवे के किनारे खेत में मिला है।
माना जा रहा है कि बदमाश बॉक्स को किनारे लगाने के बाद कानपुर की ओर भाग निकले। बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम में कैश भरने के दौरान रायटर सेफगार्ड कंपनी की वैन से 1.33 करोड़ से भरा बॉक्स उड़ाने की तफ्तीश में जुटी पुलिस ने दो दर्जन से अधिक मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और अनेक स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले।
एटीएम बूथ के सामने खड़ी वैन को कोई कैमरा कवर नहीं कर रहा था, जबकि एक कैमरे ने बॉक्स पकड़कर तेज कदमों से जाते पांच लोगों को रिकॉर्ड किया है। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक शनिवार दोपहर 1 बजकर 18 मिनट व 45 सेकंड पर राणा प्रताप चौराहा से दिलकुशा कॉम्प्लेक्स के सामने से कैश वैन गुजरी।
कैमरे में नजर आए टप्पेबाज
करीब 1:19 बजे एटीएम बूथ के सामने रुकी। थोड़ी देर बाद पांच संदिग्ध व्यक्ति भी गुजरते नजर आए। माना जा रहा है कि इनमें से दो ने एटीएम बूथ के गार्ड मंसूर रजा से लालबाग का पता पूछा और ध्यान भटकाकर आगे बढ़ गए। इसके बाद तीन बदमाशों ने एटीएम से रुपये निकालने के लिए कैश वैन के गनर ज्ञानेंद्र सिंह से उलझने का नाटक किया।
इनमें एक ने ज्ञानेंद्र से नोकझोंक की और दो अगल-बगल खड़े रहे, जबकि मंसूर रजा से पता पूछने वाले बदमाश कुछ दूर जाकर लौटे और कैश वैन का पिछला दरवाजा खोलकर बॉक्स उड़ाने के साथ आहिस्ता से दरवाजा बंद किया। ज्ञानेंद्र को बातों में उलझाए बदमाशों की नजर अपने साथियों पर थी।
उनके आगे बढ़ते ही तीनों भी निकल लिए। ज्ञानेंद्र व मंसूर का ध्यान एटीएम बूथ पर रहा और चालक रामप्यारे अखबार पढ़ने में व्यस्त था। माना जा रहा है कि नोटों से भरा बक्सा लेकर कुछ दूर पैदल चले बदमाशों ने सड़क पार करके ऑटो रोका और उसमें सवार होकर चारबाग की तरफ भाग निकले।
ऑटो से पहुंचे चारबाग स्टेशन
पुलिस के हरकत में आने से पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचे रायटर सेफगार्ड के कर्मचारी अनुराग तिवारी व हिमांशु सोनकर को एटीएम में रुपये भरने में 15-20 मिनट लगे। बूथ से निकलने के बाद कैश वैन का पिछला दरवाजा खोला। बॉक्स गायब देखकर गार्ड, गनर व चालक के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ की।
कुछ पता न चलने पर कंपनी के अधिकारियों व पुलिस को सूचना दी। इस तरह वारदात के करीब आधा घंटा बाद पुलिस हरकत में आई, जबकि राणा प्रताप चौराहा से चारबाग तक का सफर तय करने में ऑटो को मुश्किल से दस मिनट लगते हैं। इस तरह बदमाशों को चारबाग में ऑटो से बक्सा उतारकर उसे अपने अड्डे तक पहुंचाने का पर्याप्त समय मिला।
पुलिस अफसरों को शक है कि 1.33 करोड़ से भरा बॉक्स उड़ाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के बाद बदमाशों ने पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखी। अपने अड्डे पर ही रकम को बैग या सूटकेसों में भरी और खाली बॉक्स सरोजनीनगर क्षेत्र में हाइवे के किनारे खेत में फेंककर कानपुर की तरफ भाग निकले।
फोरेंसिक टीम करेगी बॉक्स की जांच
सरोजनीनगर के बगिया नंबर-3 में हाइवे से दस मीटर दूर खेत में सोमवार सुबह रायटर सेफगार्ड कंपनी का बॉक्स खाली पड़ा मिला। ग्रामीणों की सूचना पर सरोजनीनगर पुलिस मौके पर पहुंची। छानबीन के बाद कैसरबाग पुलिस को सूचना दी। कैसरबाग पुलिस ने बॉक्स अपने कब्जे में लेने के साथ फोरेंसिक टीम से जांच कराई। रायटर सेफगार्ड कंपनी के अधिकारियों व हिरासत में लिए गए पांचों व्यक्तियों ने भी बॉक्स को पहचाना।
आशंका है कि साउथ इंडियन गैंग चारबाग क्षेत्र के किसी होटल या धर्मशाला में ठहरा था। उसी ने विगत दिनों विभिन्न थाना क्षेत्रों में टप्पेबाजी की वारदात अंजाम दी लेकिन पुलिस ने मामले दर्ज नहीं किए। इस दौरान गिरोह के मास्टर माइंड ने मोटा माल उड़ाने की योजना बनाई और रैकी के बाद कैशवैन को निशाना बनाया।
पुलिस ने नाका क्षेत्र के विभिन्न होटलों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया है और शनिवार दोपहर 1:45 से 3 बजे और रविवार रात की विभिन्न सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग चेक की जा रही है। सीओ कैसरबाग डॉ. हृदेश कठेरिया ने बताया कि गनर ज्ञानेंद्र सिंह व गार्ड मंसूर रजा द्वारा बताए हुलिए के आधार पर दो स्केच तैयार कराए गए हैं। पहले पकड़े जा चुके टप्पेबाजों के बारे में विभिन्न थानों से जानकारी जुटाई गई है और उनके फोटो से स्केच का मिलान कराया जा रहा है।