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रेव पार्टियों की दस्तक से पुलिस सतर्क, ड्रग्स की खेप पकड़ी

Wed, 25 Dec 2013 02:04 AM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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राजधानी में रेव पार्टियों की दस्तक होने लगी है। वर्ष 2013 की आखिरी शाम को होने वाली रेव पार्टियों में राजधानी के युवाओं को नशे की मायावी दुनिया में भटकाने की तैयारी है।
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लखनऊ भेजी जा रही नशीली दवा फोर्टविन की खेप हाजीपुर में पकड़े जाने के बाद नारकोटिक्स विभाग और पुलिस भी सतर्क हो गई है।

तेज संगीत,चकाचौंध रोशनी,गर्लफ्रेंड्स और सोशल स्टेट्स के लिए युवाओं में रेव पार्टियों का नया चलन उभरा है।

इन पार्टियों में शामिल होने के लिए युवा कुछ भी करने को तैयार हैं। सूत्रों के अनुसार शहर के वॉटर पार्क,फार्म हाउस,क्लब,रेस्टोरेंट और बार में धूम-धड़ाके के साथ नशीली दवाएं परोसने के लिए मोटे पैकेज रखे गए हैं।

इन पार्टियों के लिए हेरोइन-कोकीन के साथ ही विदेशों से प्रतिबंधित ड्रग्स भी मंगाए गए हैं। इसके अलावा चारबाग,नक्खास,चौक,आलमबाग,मवैया में छोटी पार्टियों के लिए नशे की पुड़ियों का इंतजाम किया गया है।
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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सूत्रों ने बताया कि बीते वर्षों में जीरो डिग्री सहित अन्य बड़े रेस्टोरेंट में ड्रग पाटी के खुलासे के बाद पार्टी के इच्छुक लोग सतर्क हो गए हैं।

इन लोगों ने अपने ठिकाने बदल दिए हैं। इसके लिए प्रतिबंधित दवाएं और ड्रग्स लोकल मार्केट से ही खरीदी जा रही हैं। नारकोटिक्स अफसरों ने बताया कि शहर में ऐसी दवाओं की खरीद-फरोख्त का पता लगाने के लिए सौ से अधिक इनफार्मर लगाए गए हैं।

एनडीपीएस एक्ट भी फेल
रेव पार्टियों में इस्तेमाल हो रही दवाओं के सामने एनडीपीएस एक्ट भी फेल हो गया है। दरअसल इन पार्टियों में मौज-मस्ती या चरम आनंद के लिए ऐसी दवाएं इस्तेमाल की जा रही हैं।

जिनके बारे में एनडीपीएस एक्ट और कानून में कोई उल्लेख नहीं है। इसी के चलते रेव पार्टियों में ड्रग्स की सूचना पर छापा मारने पर नारकोटिक्स टीम को खाली हाथ लौटना पड़ता है।

नारकोटिक्स विभाग के एक अफसर के मुताबिक इंटरनेट पर तमाम ऐसी वेबसाइट्स हैं जो नशे की दवाएं बेच रही हैं। रेव पार्टी के आयोजक अक्सर इन वेबसाइट्स से दवाएं मंगा लेते हैं।

चर्चित रेव पार्टी ड्रग्स
एकस्टेसी टेबलेट सबसे चर्चित रेव पार्टी ड्रग है। 0.2 से 2 मिलीग्राम की यह टेबलेट 500 से 1500 रुपये के बीच बाजार में उपलब्ध है।

बांग्लादेश से तस्करी करके लाई जा रही याबा की 0.5 से 2 मिलीग्राम की टेबलेट 50 से 200 रुपये में उपलब्ध है। इस वक्त लखनऊ में होने वाली रेव पार्टियों में याबा सबसे पापुलर टेबलेट है।

इसी तरह की दूसरी ड्रग अल्फ्राजोलेम,केटामाइन और फेंसीक्लाइडाइन की भी बड़ी डिमांड है। कुछ लोगों को लिक्विड ड्रग्स की लत है जो 400 रुपये की एक बूंद से शुरू होकर हजारों रुपये की बूंद तक के हैं।
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